Wednesday, July 1, 2026

तुलसी प्राचीन काल से एक प्रसिद्ध जड़ी बूटी रही है और इसे डायबिटीज मैनेजमेंट में भी काफी उपयोगी माना जाता है. जानें इसके फायदे…

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तुलसी एक पवित्र पौधा है जिसमें कई औषधीय गुण होते हैं. इसे हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है और आयुर्वेद में इसका उपयोग कई बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है. तुलसी का सेवन करने से कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं. कई अध्ययनों से पता चला है कि तुलसी डायबिटीज को नियंत्रित करने में मदद करती है. इन अध्ययनों से यह भी पता चलता है कि यह ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करती है. तुलसी के पत्तों में ऐसे कंपाउंड होते हैं जो इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करते हैं और इसके पत्ते कोशिकाओं द्वारा ग्लूकोज के बेहतर अवशोषण में मदद करते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि तुलसी के पत्तों का सेवन करने से रक्त शर्करा का स्तर नियंत्रित रहता है. इसके नियमित सेवन ब्लड शुगर को लेवल कम हो सकता है.

तुलसी का सेवन करने से ऐसे होते हैं फायदे
तुलसी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं. ये ब्लड शुगर लेवल को कम करने में काफी मददगार होते हैं. कई अध्ययनों से पता चला है कि ये इंसुलिन की कार्यक्षमता में सुधार करते हैं. हालांकि, ऐसा कहा जाता है कि तुलसी का सेवन नियमित रूप से सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. शोध से पता चलता है कि तुलसी के एंटीऑक्सीडेंट गुण अग्नाशय की बीटा कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचा सकते हैं. तुलसी से इंसुलिन का उत्पादन होता है. इस सुरक्षा के कारण इंसुलिन का स्राव और कार्य बेहतर होता है. तुलसी को चाय के रूप में लेना, रोजाना खाली पेट दो से तीन तुलसी के पत्ते चबाना, तुलसी के चूर्ण को पानी में मिलाकर पीना और पांच से दस पत्तों वाली तुलसी की चाय दिन में एक या दो बार पीना डायबिटीज को कंट्रोल करने में उपयोगी बताया गया है.

शोध के नतीजे बहुत सकारात्मक
कानपुर शहर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के फार्मेसी विभाग के प्रोफेसर अजय शर्मा ने श्याम तुलसी पर शोध किया. शर्मा के मुताबिक उनके शोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया. इतना ही नहीं कुछ दिन पहले हैदराबाद में आयोजित इंडियन फार्मास्युटिकल्स कांग्रेस के 73वें अधिवेशन में प्रोफेसर अजय शर्मा के शोध पत्र को सम्मानित भी किया गया है. डॉ. अजय द्वारा किए गए शोध का विषय था- पारंपरिक जड़ी-बूटियों एसिमम सैंक्टम लिन की पत्तियों के वाष्पशील कार्बनिक घटकों के मौसमी बदलाव का निर्धारण. डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि उन्होंने जो शोध कार्य किया है और उसके बाद जो परिणाम काफी अच्छे आए हैं. तुलसी का अर्क कैंसर और डायबिटीज जैसी खतरनाक बीमारी से बचाव में बेहद कारगर सिद्ध हो सकती है. इसके साथ ही इसका इस्तेमाल डायरिया, अस्थमा, दर्द निवारक, कृमि निवारक (deworming) , सूजन निवारक, एंटीऑक्सीडेंट समेत कई अन्य बीमारियों में किया जा सकेगा.

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