Tuesday, February 10, 2026

डिजिटल क्रॉप सर्वे योजना के पूर्ण होने से किसानों की जमीन और फसलों से संबंधित वैज्ञानिक एवं प्रमाणिक डेटा उपलब्ध होगा।

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डिजिटल क्रॉप सर्वे योजना से किसानों की जमीन और फसलों का वैज्ञानिक डेटा उपलब्ध होगा, जिससे सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ मिलेगा और कृषि रणनीति बनाने में सहायता मिलेगी। भागलपुर में सर्वे की गति धीमी है, जहाँ अब तक केवल 5.42% प्लॉट का डिजिटल सर्वे पूरा हुआ है। कृषि निदेशक ने धीमी प्रगति पर स्पष्टीकरण मांगा है, जबकि अधिकारियों को अगले सप्ताह तक लक्ष्य पूरा होने की उम्मीद है

भागलपुर। डिजिटल क्रॉप सर्वे योजना के पूर्ण होने से किसानों की जमीन और फसलों से संबंधित वैज्ञानिक एवं प्रमाणिक डेटा उपलब्ध होगा। इससे न केवल जरूरतमंद किसानों को सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ मिलेगा, बल्कि फसलों की मार्केटिंग और भविष्य की कृषि रणनीति तैयार करने में भी सरकार को बड़ी सहूलियत होगी।

वर्तमान में जिले में किस फसल की कितने क्षेत्र में खेती हो रही है, इस संबंध में विभिन्न स्रोतों से अलग-अलग आंकड़े उपलब्ध हैं, जिससे नीति निर्माण में कठिनाई आती है।

डिजिटल क्रॉप सर्वे योजना के तहत रियलटाइम में बोई गई फसलों के कवरेज एरिया का सही आकलन किया जा रहा है। हालांकि, जिले में कृषि विभाग द्वारा डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) का कार्य धीमी गति से चल रहा है।

सभी पंचायतों में विभागीय कर्मियों, किसान सलाहकारों एवं कृषि को-ऑर्डिनेटर्स की तैनाती की गई है। सर्वे की धीमी प्रगति पर कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने जिला कृषि पदाधिकारी प्रेम शंकर प्रसाद से स्पष्टीकरण मांगा है। इसमें 22 जिले के कृषि पदाधिकारी शामिल हैं।

राज्य के 38 जिलों में डिजिटल क्रॉप सर्वे किया जा रहा है, और इसकी समीक्षा प्रतिदिन उच्च स्तर पर की जा रही है। समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिले में सर्वे का प्रतिशत राज्य के औसत 11.62 प्रतिशत से भी कम है, जो इस महत्वाकांक्षी योजना के कार्यान्वयन में लापरवाही को दर्शाता है।

जिला कृषि पदाधिकारी ने दो दर्जन कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा है। जिला कृषि कार्यालय में नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है, जिसमें विभिन्न कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।

जिले में कुल 2 लाख 54 हजार 709 प्लॉट का सर्वे किया जाना है, जिसमें अब तक 5.42 प्रतिशत से अधिक प्लॉट का डिजिटल सर्वे पूरा किया जा चुका है। जियोटैगिंग के माध्यम से फसलों की डिजिटल फोटो लेकर उसका डेटाबेस तैयार किया जा रहा है।

कृषि विभाग का दावा है कि अब तक कृषि को-ऑर्डिनेटर्स और किसान सलाहकारों ने 10 प्रतिशत प्लॉट का सर्वे किया है और अगले एक सप्ताह में लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।

अधिकारियों ने डिजिटल क्रॉप सर्वे को राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल बताया है, जिसके आधार पर क्षेत्रवार फसल योजना और नई कृषि रणनीतियाँ तैयार की जा सकेंगी।

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