चाईबासा के झींकपानी प्रखंड में मंईयां सम्मान योजना से वंचित करीब 150 महिलाओं ने मंत्री दीपक बिरुवा के कार्यालय का घेराव किया. महिलाओं ने पोर्टल नहीं खुलने से लाभ नहीं मिलने का आरोप लगाया. चोया पंचायत की मुखिया के नेतृत्व में महिलाएं 18 किलोमीटर पैदल चलकर ज्ञापन सौंपने पहुंचीं. नीचे पूरी खबर पढ़ें.
झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मंईयां सम्मान योजना का लाभ चाईबासा के झींकपानी प्रखंड की चोया पंचायत की सैकड़ों महिलाओं को नहीं मिल रहा है. शुक्रवार को सैकड़ों महिलाओं ने विरोध का बिगुल फूंक दिया. चोया पंचायत की मुखिया जयंती बिरुली के नेतृत्व में करीब 150 महिलाएं 18 किलोमीटर पैदल चल कर चाईबासा के सरनाडीह स्थित मंत्री दीपक बिरुवा के कार्यालय पहुंचीं और उसका घेराव किया.
योजना की शुरुआत से ही कर रही हैं इंतजार
महिलाओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने योजना की शुरुआत में ही आवेदन जमा कर दिया था. उन्होंने कई बार प्रखंड कार्यालय के चक्कर भी लगाये. कार्यालय के कर्मियों द्वारा बार-बार आश्वासन दिया जाता है कि आवेदन सही है और लाभ जल्द मिलेगा, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी अब तक उनके खाते में सम्मान राशि नहीं पहुंची है.
पोर्टल नहीं खुलना बनी बड़ी समस्या
मुखिया जयंती बिरुली ने बताया कि महिलाएं हर दिन उनसे योजना के लाभ की गुहार लगा रही हैं. उन्होंने इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी से भी शिकायत की थी. अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी कारणों से पोर्टल नहीं खुल पा रहा है, जिसके कारण जरूरतमंद महिलाओं का डेटा अपडेट नहीं हो रहा है. इसी विवशता के कारण आज मंत्री दीपक बिरुवा को ज्ञापन सौंपा गया है ताकि उच्च स्तर पर पहल कर पोर्टल की समस्या को सुलझाया जा सके.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, सीओ भी पहुंचे
महिलाओं के घेराव की जानकारी मिलने के बाद मंत्री कार्यालय के समक्ष बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी थी. स्थिति का जायजा लेने के लिए सदर अंचलाधिकारी उपेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे. महिलाओं ने मंत्री के निजी सचिव सुभाष बनर्जी को अपना ज्ञापन सौंपा और जल्द समाधान की मांग की. हक मिलने तक शांत नहीं बैठूंगी इस विरोध प्रदर्शन में समाजसेवी रमेश बालमुचू सहित चोया पंचायत के विभिन्न गांवों की करीब 150 महिलाएं शामिल थीं. महिलाओं का कहना है कि जब तक उन्हें उनका हक नहीं मिल जाता, वे शांत नहीं बैठेंगी.


