Wednesday, April 1, 2026

झारखंड हाई कोर्ट ने सहायक आचार्य नियुक्ति मामले में जेएसएससी को 97 सफल अभ्यर्थियों के नाम तत्काल अनुशंसित कर नियुक्ति पत्र देने का निर्देश दिया है।

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झारखंड हाई कोर्ट ने सहायक आचार्य नियुक्ति मामले में जेएसएससी को 97 सफल अभ्यर्थियों के नाम तत्काल अनुशंसित कर नियुक्ति पत्र देने का निर्देश दिया है। शेष अभ्यर्थियों के मामलों की सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। J

रांची। हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में सहायक आचार्य (कक्षा छह से आठ) नियुक्ति से संबंधित मामले में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को सफल 97 अभ्यर्थियों नाम तत्काल अनुशंसा करते हुए नियुक्ति पत्र देने का निर्देश दिया, बशर्ते की सभी योग्यता को पूरी करते हों।

इस संबंध में प्रार्थी महेंद्र रवानी और अन्य की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने अदालत को बताया कि 97 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है, लेकिन अभी तक इन्हें नियुक्त पत्र नहीं दिया गया।

इन अभ्यर्थियों के नाम की अनुशंसा जेएसएससी ने नहीं की है। उन्होंने अदालत से सफल अभ्यार्थियों को सहायक आचार्य पद पर जल्द नियुक्त किए जाने का निर्देश देने की मांग की।

प्रार्थियों ने याचिका दाखिल कर कहा है कि सफल घोषित किए जाने की बावजूद जेएसएससी ने उनके नाम की अनुशंसा नहीं की। हाई कोर्ट में करीब 365 अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

97 के बाद बाकी बचे अभ्यर्थियों के मामले दो सप्ताह बाद सुनवाई होगी। इनका कहना है कि सभी ने अनारक्षित श्रेणी के कट आफ मार्क्स से ज्यादा अंक प्राप्त किया है, लेकिन उनकी नियुक्त नहीं हुई है।

सरकार ने कहा इन्होंने जेटेट परीक्षा में आरक्षण का लाभ लिया था। इसलिए इन्हें सामान्य श्रेणी में नहीं रखा जा सकता है।

अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल के निर्णय में कहा है कि जेटेट परीक्षा में आरक्षण का लाभ लेने वालों को प्रतियोगिता परीक्षा की नियमावली के तहत लाभ मिला चाहिए। कोर्ट ने विस्तृत सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की है।

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