झारखंड सरकार ने आईआईटी की तर्ज पर ‘झारखंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’ (जेएच-आईआईटी) शुरू करने की घोषणा की है, जिसमें 23 पॉलीटेक्निक संस्थानों को विकसित किया जाएगा। Budget 2026 में चतरा में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय और सात जिलों में 12 नए महाविद्यालय खोलने का भी प्रावधान है। आदिम जनजातियों के लिए पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन कोर्स और सभी जिलों में 500 सीटों वाली लाइब्रेरी भी स्थापित की जाएगी
रांची। झारखंड सरकार ने तकनीकी और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा संरचनात्मक बदलाव करने की तैयारी कर ली है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में घोषणा की गई है कि राज्य में Indian Institute of Technology (IIT) और National Institute of Technology (NIT) की तर्ज पर 23 झारखंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (JH-IT) स्थापित किए जाएंगे।
इसके लिए राज्य में संचालित 17 पॉलिटेक्निक संस्थानों और सात नवनिर्मित पॉलिटेक्निक को उन्नत कर एक नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल के तहत ‘जे प्रगति’ (Jharkhand Polytechnic Revamping for Advanced Graduate and Innovation Led Technical Institution) योजना शुरू की जाएगी।
सरकार का मानना है कि यह योजना लागू होने पर राज्य में इंजीनियरिंग कॉलेजों की कमी काफी हद तक दूर होगी और विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय तकनीकी शिक्षा राज्य के भीतर ही उपलब्ध हो सकेगी।
पॉलिटेक्निक से टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट तक: क्या बदलेगा?
नई योजना के तहत पॉलिटेक्निक संस्थानों को केवल डिप्लोमा शिक्षा तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें एडवांस टेक्निकल और इनोवेशन-ड्रिवन संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा।
- आधुनिक लैब और रिसर्च सुविधाएं
- इंडस्ट्री लिंक्ड पाठ्यक्रम
- स्टार्टअप और इनोवेशन सपोर्ट
- रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण
इससे छात्रों को राज्य से बाहर जाने की मजबूरी कम होगी और स्थानीय स्तर पर तकनीकी दक्ष मानव संसाधन तैयार होगा।
आदिवासी और टाना भगत युवाओं के लिए विशेष ‘उत्थान’ योजना
राज्य सरकार ने आदिम जनजाति और टाना भगत समुदाय के युवाओं के लिए ‘उत्थान’ (Uplifting of Tribal and Tana Bhagat Holistic Advancement and Nurturing) योजना शुरू करने की घोषणा की है।
हर वर्ष 60 छात्रों का चयन कर उन्हें पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन और सिक्योरिटी मैनेजमेंट कोर्स में दाखिला दिलाया जाएगा। यह कोर्स झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय में संचालित होगा।
इस पहल का उद्देश्य वंचित समुदायों को पेशेवर और प्रशासनिक क्षेत्रों में अवसर उपलब्ध कराना है।
चतरा में खुलेगा डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय
उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में सरकार ने चतरा में Dr. Bhimrao Ambedkar University की स्थापना की घोषणा की है।
चतरा और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अब उच्च शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इसके अलावा, पहले चरण में सात जिलों में 12 नए महाविद्यालय खोले जाएंगे। इन कॉलेजों में जॉब-ओरिएंटेड कोर्स पर विशेष जोर होगा।
STEM, AI और ITI में नई पढ़ाई
राज्य सरकार ने बाजार की मांग के अनुरूप STEM (Science, Technology, Engineering, Mathematics) शिक्षा को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है।
- आईटीआई संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पढ़ाई शुरू होगी।
- तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार अपडेट किया जाएगा।
- इससे युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी और राज्य में स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार होगी।
100 नए CM School of Excellence
स्कूली शिक्षा को मजबूत करने के लिए 100 नए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस खोले जाएंगे। इसके लिए 182.60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के लिए 16,251.43 करोड़ रुपये और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के लिए 2,564.45 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।
हर जिले में ‘सेंटर ऑफ आर्ट डिस्ट्रिक्ट लाइब्रेरी’
पढ़ने की घटती आदतों को देखते हुए सरकार ने सभी जिलों में 500 सीटों वाली आधुनिक ‘सेंटर ऑफ आर्ट डिस्ट्रिक्ट लाइब्रेरी’ खोलने की घोषणा की है।
यह लाइब्रेरी डिजिटल और पारंपरिक दोनों संसाधनों से लैस होगी, जिससे छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण मिल सके।
शिक्षा संरचना में व्यापक बदलाव की दिशा
राज्य में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की सघनता राष्ट्रीय औसत से कम है, जिससे संस्थानों में भीड़ और गुणवत्ता की चुनौती बनी रहती है।
23 झारखंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, नया विश्वविद्यालय, 12 कॉलेज, STEM और AI पाठ्यक्रम, और जिला स्तरीय लाइब्रेरी जैसी पहलें संकेत देती हैं कि राज्य सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को व्यापक रूप से पुनर्गठित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
एक्सपर्ट का मानना है कि बजट की ये योजनाएं अगर समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतरती हैं, तो झारखंड तकनीकी और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सकता है।


