धनबाद: भूमि विवाद, मुआवजा और खनन परियोजनाओं से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान झारखंड विधानसभा की विशेष समिति ने कई अहम निर्देश दिए. समिति ने बीसीसीएल क्षेत्रों में डंप ओवरबर्डन की सटीक मापी के लिए ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल पर सहमति जताई, वहीं आरसीडी सड़क पर एफसीआई द्वारा टोल वसूली के मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए.
धनबाद सर्किट हाउस में विधानसभा की प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण विशेष समिति की बैठक दूसरे दिन भी जारी रही. टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सिंदरी, निरसा, चंदनकियारी और तोरपा के विधायक सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. बैठक में बीसीसीएल, एफसीआई, मैथन पावर लिमिटेड, टाटा कोलियरी और हर्ल समेत विभिन्न औद्योगिक उपक्रमों के कार्यों की समीक्षा की गई.
ओवरबर्डन के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा
समीक्षा के दौरान बीसीसीएल के एरिया-9, 10 और 11 में सरकारी, वन एवं रैयती भूमि पर डंप किए गए ओवरबर्डन के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई. उपायुक्त आदित्य रंजन ने ड्रोन आधारित सर्वेक्षण का प्रस्ताव रखा, जिसे समिति ने स्वीकृति दी. प्रशासन का कहना है कि ड्रोन तकनीक से हाई-रेजोल्यूशन थ्री-डी डेटा और डिजिटल टेरेन मॉडल तैयार कर भूमि की सटीक मापी संभव होगी. इस कार्य में आईआईटी-आईएसएम का तकनीकी सहयोग लेने की भी योजना है. बीसीसीएल ने संबंधित भूमि पर डंप किए गए ओवरबर्डन के एवज में भुगतान करने पर सहमति जताई.
समिति ने मैथन पावर लिमिटेड और टाटा कोलियरी द्वारा कथित रूप से उपयोग की गई सरकारी जमीन की भी मापी कराने का निर्देश दिया. वहीं सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने एफसीआई द्वारा आरसीडी सड़क पर टोल वसूली का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया. उन्होंने सवाल किया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग की सड़क पर एफसीआई किस अधिकार से टोल टैक्स वसूल रही है. इस पर समिति ने विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया.
रैयतों से जुड़े लंबित मामलों की भी समीक्षा
बैठक में भूमि अधिग्रहण, मुआवजा और रैयतों से जुड़े लंबित मामलों की भी समीक्षा हुई. समिति ने अपर समाहर्ता, डीएलएओ और डीसीएलआर न्यायालयों में लंबित भूमि विवादों का शीघ्र निपटारा करने का निर्देश दिया. साथ ही पारिवारिक सूची, वंशावली प्रमाणन तथा बकाया मुआवजा मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने को कहा गया.
विधानसभा की विशेष समिति की समीक्षा बैठक में भूमि, मुआवजा और खनन परियोजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. अब ड्रोन तकनीक के जरिए ओवरबर्डन की मापी और एफसीआई की टोल वसूली की जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं.


