रांचीः 10 नवंबर की तारीख आते-आते सर्दी ने सितम का रूप लेना शुरु कर दिया है. कई जिलों में हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ने लगी है. मौसम केंद्र ने राज्य के उत्तर-पश्चिम भागों के साथ-साथ उत्तरी छत्तीसगढ़ से लगे इलाकों में कहीं-कहीं शीतलहर की चेतावनी जारी की है.
पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा, लोहरदगा, सिमडेगा और गुमला वासियों को विशेष सावधानी बरतने की जरुरत है. इन जिलों में शीतलहर चलने की संभावना है. राज्य के ज्यादातर हिस्सों में सुबह के वक्त धुंध और कोहरा देखने को मिलेगा. फिर मौसम साफ हो जाएगा.
पिछले 24 घंटों में लातेहार का न्यूनतम पारा 10.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है. दूसरे स्थान पर खूंटी जिला है. यहां का तापमान 10.4 डिग्री रहा है. डाल्टनगंज में 11.3 और बोकारो थर्मल में 13.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ है. वहीं राजधानी रांची का न्यूनतम पारा 14.3 डिग्री सेल्सियस है. उत्तर-पश्चिमी हवाओं के उत्तर की ओर रुख करने की वजह से तापमान में गिरावट आई है.
मौसम केंद्र के मुताबिक 11 नवंबर से 14 नवंबर के बीच कई जिलों में कनकनी बढ़ने की संभावना है. इस दौरान कोडरमा, चतरा, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, पलामू, रामगढ़, गुमला और सिमडेगा में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री तक पहुंच सकता है. रांची का भी न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 10 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है. इस दौरान ज्यादातर जिलों के अधिकतम तामपान में भी 1-2 डिग्री की गिरावट दर्ज होने की संभावना है.
ठंड का प्रभाव और बचाव के उपाएमौसम केंद्र के मुताबिक ऐसे मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. ठंड लगने से फ्लू हो सकता है. नाक से पानी आ सकता है. नाक से खून भी आ सकता है. ब्लड प्रेशर भी बढ़ने की संभावना रहती है. ऐसे में कंपकंपी को नजरअंदाज नहीं करना है. यह शरीर में गर्मी कम होने का पहला संकेत होता है.
ठंड का असर त्वचा पर पड़ता है जो पीली, कठोर या सुन्न हो जाती है. लिहाजा, सर्दी से बचने के लिए गर्म कपड़ों के इस्तेमाल के अलावा त्वचा को तेल या क्रीम से मॉइस्चराइज करना है. विटामिन सी से भरपूर हरी सब्जी और फलों का सेवन करना है. हीटर का इस्तेमाल करते समय वेंटिलेशन सुनिश्चित करना है.


