Friday, March 27, 2026

झारखंड में मोटे अनाज की खेती के लिए सरकार किसानों को प्रोत्साहित कर रही है, किसानों को आज प्रोत्साहन राशि दी गई.

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रांची:झारखंड स्टेट मिलेट मिशन के तहत आज मोटे अनाज खासकर मड़ुआ की खेती करने वाले राज्य के 32 हजार 911 किसानों के खाते में 15 करोड़ 63 लाख 24 हजार 900 रुपये डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई. योजना के अनुसार सरकार राज्य में मड़ुआ या मोटे अनाज उत्पादक किसानों को प्रति एकड़ 3000 रुपये और अधिकतम पांच एकड़ तक के लिए 15 हजार रुपये तक की राशि प्रोत्साहन के लिए देती है.

झारखंड स्टेट मिलेट मिशन का नाम बदला

रांची के पशुपालन निदेशालय में आयोजित कार्यक्रम में झारखंड की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इस दौरान कृषि मंत्री ने सभागार में मौजूद किसानों की सहमति लेकर झारखंड स्टेट मिलेट मिशन का नाम बदल कर “झारखंड मड़ुआ क्रांति” करने की घोषणा की. इस दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि झारखंड के किसानों के बीच मिलेट शब्द प्रचलित नहीं है, लेकिन “मड़ुआ” शब्द किसानों की जुबां पर है. उन्होंने उम्मीद जताई कि नाम बदलने से लोग इस योजना से ज्यादा से ज्यादा जुड़ेंगे और योजना सफल होगी.

तीन जिलों में मड़ुआ की खरीद करेगा विभागः शिल्पी नेहा तिर्की

झारखंड मिलेट मिशन का नाम “झारखंड मडुआ क्रांति” करने की घोषणा करते हुए कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि सरकार की योजना राज्य में मोटे अनाज खासकर मड़ुआ का सरकारी स्तर पर खरीद करने की है. इस वर्ष तीन जिलों गुमला, सिमडेगा और खूंटी जिले से इसकी शुरुआत होगी. उन्होंने बताया कि मड़ुआ अधिप्राप्ति केंद्र के लिए 17 लैंप्स-पैक्स चिन्हित किए गए हैं. इसकी जानकारी जल्द पब्लिक डोमेन के माध्यम से दे दी जाएगी.

राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि गांव-देहात में मड़ुआ के उत्पादन को लेकर किसानों का झुकाव और स्वीकार्यता के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है. झारखंड राज्य मिलेट मिशन 2025-2026 के तहत लाभुकों को प्रोत्साहन राशि हस्तांतरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य के 32 हजार 911 किसानों के बैंक खाते में DBT के माध्यम से कुल 15 करोड़ 63 लाख 24 हजार 900 रुपये की प्रोत्साहन राशि ऑनलाइन हस्तांतरित की गई

मड़ुआ किसानों की संख्या में हुई है बढ़ोत्तरी

राज्य की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बताया कि वर्ष 2024-25 में 18 हजार किसानों को मोटे अनाज की खेती पर प्रोत्साहन राशि का लाभ मिला था. इस बार संख्या 32911 किसानों तक पहुंच गई है और यह संख्या और बढ़ सकती थी. मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारियों को अगला लक्ष्य 60 हजार किसानों को मोटे अनाज की खेती पर प्रोत्साहन राशि देना निर्धारित किया है. पहले 20 हजार हेक्टेयर में मड़ुआ की खेती की जाती थी. आज यह बढ़कर 01 लाख हेक्टेयर के पार चली गई है. मडुआ की खेती में दूसरी फसल की तुलना में मुनाफा ज्यादा है.

इन तीन जिलों में खुलेगा मड़ुआ अधिप्राप्ति केंद्र

कृषि ,पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि धान अधिप्राप्ति केंद्र की तरह ही मड़ुआ अधिप्राप्ति केंद्र भी खोला जा रहा है. विभाग ने पहले चरण में गुमला, सिमडेगा और खूंटी जिला को इसके लिए चिन्हित किया है. इन जिलों के 17 लैंप्स-पैक्स केंद्र के जरिए किसानों से मड़ुआ की अधिप्राप्ति की जाएगी. अगले एक सप्ताह में किसानों को ये सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है. विभाग द्वारा मडुआ की खरीद बाजार दर के अनुसार ही तय किया जाएगा .

मडुआ प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की योजना

कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि विभाग का उद्देश्य सिर्फ मडुआ का उत्पादन बढ़ाना और किसानों को प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराना ही नहीं है, बल्कि विभाग इन इलाकों में प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर मडुआ के प्रोडक्ट को तैयार करना भी है. बाजार में लोगों की मांग के अनुरूप मडुआ के प्रोडक्ट को तैयार किया जाएगा. ये प्रोडक्ट अस्पताल, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंचाने की योजना है. बच्चों को शुरू से ही मोटे अनाज का पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना विभाग का उद्देश्य है. एक समय में मोटे अनाज को गरीबों का भोजन कहा जाता था, लेकिन अब हर वर्ग की थाली का ये पसंदीदा भोजन बन गया है .

गलत आंकड़ा देने पर होगी जांच और कार्रवाई

कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने फील्ड में काम करने वाले कृषि विभाग के अधिकारियों को ईमानदारी से काम करने की सलाह दी है .उन्होंने कहा है कि गलत आंकड़ा देने की शिकायत उन तक पहुंची है, जिसकी वो जांच करवा रहीं हैं. अगर जांच के दौरान गलत आंकड़े की पुष्टि हुई तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी.

आज के कार्यक्रम में दुमका, रांची और खूंटी के किसान शामिल हुए, जिसमें अच्छी खासी संख्या महिला किसानों की थी. मंच पर दुमका के किशोर कुमार मांझी और बुढ़मू के विनोद कुमार मुंडा ने मड़ुआ की खेती से हो रहे लाभ को किसानों के बीच साझा किया. महिला किसानों ने बताया कि सरकार के द्वारा प्रोत्साहन राशि दिए जाने से उन्हें खेती करने में आर्थिक मदद मिल रही है. कार्यक्रम में कृषि निदेशक भोर सिंह यादव, समेति निदेशक विकास कुमार, उद्यान विभाग संयुक्त निदेशक शशि भूषण अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी और किसान मौजूद रहे.

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