Friday, September 11, 2026

झारखंड में महिला किसानों के लिए नई योजना की तैयारी, एक एकड़ में समेकित खेती से बढ़ेगी आमदनी.

Share

रांची: झारखंड सरकार राज्य की महिला किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ शुरू करने की तैयारी में है। योजना के जरिए महिलाओं को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित रखने के बजाय कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी जैसी गतिविधियों से जोड़कर उनकी आमदनी के कई स्रोत तैयार करने की योजना है।

इस प्रस्तावित योजना को लेकर गुरुवार को रांची स्थित नेपाल हाउस मंत्रालय के सभागार में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने की। इसमें विभागीय सचिव अबु बकर सिदिक, विशेष सचिव, विभिन्न निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

समेकित खेती होगी योजना का मुख्य आधार

बैठक में योजना के संभावित स्वरूप, लाभार्थियों के चयन, सरकारी वित्तीय सहायता, लाभुक के अंशदान और समेकित खेती के अलग-अलग मॉडल पर चर्चा हुई। विभाग योजना को अंतिम रूप देने के बाद इसे मंत्रिपरिषद की मंजूरी के लिए भेजने की तैयारी कर रहा है।

कृषि मंत्री ने कहा कि महिला किसान खुशहाली योजना को राज्य की महिला किसानों के लिए एक प्रमुख योजना के तौर पर विकसित किया जा रहा है। योजना तैयार करने से पहले राज्य स्तर पर विभिन्न संस्थाओं, विशेषज्ञों और महिला किसानों से सुझाव भी लिए गए हैं। इन्हीं सुझावों को ध्यान में रखते हुए समेकित खेती को योजना का आधार बनाया जा रहा है।

सरकार का उद्देश्य महिला किसानों को खेती के साथ आय बढ़ाने वाली दूसरी गतिविधियों से जोड़ना है। इससे मौसम या किसी एक कृषि गतिविधि पर निर्भरता कम करने और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

एक एकड़ जमीन पर तैयार होगा मॉडल

प्रस्तावित योजना में फिलहाल एक एकड़ भूमि को आधार मानकर Integrated Farming System यानी समेकित कृषि प्रणाली विकसित करने की योजना है। स्थानीय परिस्थितियों और जरूरत के मुताबिक एक मॉडल में बकरी पालन, सूअर पालन, बत्तख पालन, गाय पालन, मछली पालन और बागवानी जैसी गतिविधियों को शामिल किया जा सकता है।

विभाग का प्रयास है कि आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों की मदद से एक ऐसी व्यवस्था तैयार की जाए, जिसमें एक ही भूमि इकाई से खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और हॉर्टिकल्चर को जोड़ा जा सके। इससे महिला किसान को साल के अलग-अलग समय में विभिन्न गतिविधियों से आय प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है।

तीन से चार मॉडल पर चल रहा काम

कृषि विभाग फिलहाल समेकित खेती के तीन से चार संभावित मॉडल तैयार कर रहा है। इन मॉडलों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद यह तय किया जाएगा कि प्रत्येक मॉडल के लिए सरकार की ओर से कितनी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और लाभुक महिला किसान को कितना योगदान देना होगा।

योजना में लाभुक की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सीमित अंशदान रखने पर विचार किया जा रहा है। विभाग इस बात पर भी मंथन कर रहा है कि योजना के सफल संचालन की स्थिति में लाभुक द्वारा दिए गए अंशदान की वापसी का प्रावधान रखा जाए।

पहले चरण में व्यक्तिगत महिला किसानों को मिलेगा लाभ

योजना के शुरुआती चरण में व्यक्तिगत महिला किसानों को इसका लाभ देने का प्रस्ताव है। फिलहाल एक लाभुक के लिए करीब एक एकड़ भूमि की आवश्यकता निर्धारित करने पर विचार किया जा रहा है।

कृषि मंत्री के अनुसार, योजना का मकसद महिलाओं को केवल किसान के रूप में नहीं, बल्कि अपने खेत और उससे जुड़ी गतिविधियों की आर्थिक इकाई की संचालक के रूप में विकसित करना है। खेती के साथ पशुपालन, मछली पालन और बागवानी को जोड़कर आय के अतिरिक्त साधन उपलब्ध कराना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जल्द मंत्रिपरिषद के सामने रखा जाएगा प्रस्ताव

कृषि विभाग योजना से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं को अंतिम रूप देने में जुटा है। सभी बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद के समक्ष स्वीकृति के लिए रखा जाएगा।

सरकार को उम्मीद है कि समेकित खेती पर आधारित यह पहल झारखंड की महिला किसानों की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के साथ उनकी आय के स्रोतों में विविधता लाने में उपयोगी साबित हो सकती है।

Read more

Local News