रांची: झारखंड में मानसून की स्थिति पिछले कुछ दिनों में बेहतर हुई है। पर्याप्त बारिश होने से खरीफ फसलों की बुआई और धान की रोपाई में तेजी आई है। बारिश में सुधार का सबसे ज्यादा असर धान की खेती पर दिखाई दे रहा है। राज्य में अब तक धान का 83.43 प्रतिशत क्षेत्र आच्छादित हो चुका है।
वहीं, धान समेत मक्का, दलहन और तिलहन को मिलाकर कुल खरीफ फसल का आच्छादन 76.11 प्रतिशत दर्ज किया गया है। बीते एक सप्ताह में धान की रोपाई में करीब आठ प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
सामान्य के करीब पहुंची बारिश
शुरुआत में कम बारिश की आशंका के चलते किसानों और कृषि विभाग की चिंता बढ़ी हुई थी। हालांकि, हाल के दिनों में हुई अच्छी बारिश से स्थिति में सुधार आया है। फिलहाल राज्य में औसत वर्षा सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम है, जिसे मौसम विभाग के मानकों के अनुसार सामान्य श्रेणी में माना जाता है।
मौसम विभाग के मुताबिक सामान्य वर्षा की सीमा औसत से 19 प्रतिशत कम से लेकर 19 प्रतिशत अधिक तक मानी जाती है। आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने पर राज्य में वर्षा का आंकड़ा सामान्य स्तर तक पहुंचने की उम्मीद है।
11 जिलों में बारिश सामान्य, कुछ जिलों में अब भी कमी
अगस्त में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से राज्य के 11 जिलों में वर्षा सामान्य दर्ज की गई है। हालांकि, कुछ जिलों में अब भी बारिश की कमी बनी हुई है। पाकुड़ में करीब 53 प्रतिशत, देवघर में 48 प्रतिशत तथा चतरा और पश्चिमी सिंहभूम में लगभग 44 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
कोल्हान में सबसे ज्यादा धान की रोपाई
प्रमंडलवार आंकड़ों पर नजर डालें तो कोल्हान प्रमंडल धान की रोपाई में सबसे आगे है। यहां 90.17 प्रतिशत क्षेत्र में धान की रोपाई हो चुकी है। वहीं पलामू प्रमंडल में अब तक 68.59 प्रतिशत आच्छादन हुआ है।
अन्य प्रमंडलों की स्थिति इस प्रकार है:
- दक्षिणी छोटानागपुर: 85.46 प्रतिशत
- उत्तरी छोटानागपुर: 77.62 प्रतिशत
- संताल परगना: 84.27 प्रतिशत
- कोल्हान: 90.17 प्रतिशत
- पलामू: 68.59 प्रतिशत
किसानों को श्रीअन्न की खेती के लिए भी प्रोत्साहन
कम बारिश की संभावित स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग ने पहले ही आकस्मिक योजना तैयार की थी। इसके तहत किसानों को श्रीअन्न यानी मोटे अनाज की खेती के लिए प्रोत्साहित किया गया।
सरकार की ओर से श्रीअन्न की खेती के लिए 3,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए करीब 30 हजार किसानों ने पंजीकरण कराया है।
अच्छी बारिश के कारण फिलहाल धान की खेती को राहत मिली है। यदि आने वाले दिनों में मौसम अनुकूल रहता है, तो खरीफ फसलों की स्थिति में और सुधार होने की उम्मीद है।
