रांची: आगामी 16वीं हॉकी इंडिया राष्ट्रीय सब जूनियर महिला एवं पुरुष हॉकी चैंपियनशिप 2026 के लिए झारखंड टीम के गठन को लेकर रविवार को रांची में ट्रायल आयोजित किया गया. यह ट्रायल राजधानी के मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, मोरहाबादी में हुआ, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने भाग लिया.
हॉकी झारखंड की ओर से आयोजित इस चयन ट्रायल में महिला और पुरुष दोनों वर्गों को मिलाकर कुल 180 खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. इसमें सिमडेगा, खूंटी, गुमला, रांची, हजारीबाग और जमशेदपुर समेत राज्य के कई जिलों के खिलाड़ी शामिल हुए. खिलाड़ियों ने अपनी खेल क्षमता और कौशल का प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं को प्रभावित करने का प्रयास किया.
ट्रायल के दौरान महिला और पुरुष वर्ग के खिलाड़ियों का अलग-अलग मूल्यांकन किया गया. चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद महिला वर्ग से 30 खिलाड़ियों और पुरुष वर्ग से 32 खिलाड़ियों का चयन किया गया है. इन खिलाड़ियों को अब अगले चरण के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर में शामिल किया जाएगा.
बारीकी से खिलाड़ियों का मूल्यांकन
हॉकी झारखंड के अनुसार चयनित खिलाड़ियों के लिए 18 मार्च से विशेष प्रशिक्षण शिविर (स्पेशल कैंप) आयोजित किया जाएगा. इस कैंप के दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन, फिटनेस और तकनीकी क्षमता का बारीकी से मूल्यांकन किया जाएगा. कैंप के अंत में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 18 खिलाड़ियों को अंतिम रूप से झारखंड टीम में शामिल किया जाएगा, जो राष्ट्रीय चैंपियनशिप में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे.
बिहार में होगी 16वीं हॉकी इंडिया राष्ट्रीय सब जूनियर महिला हॉकी चैंपियनशिप
गौरतलब है कि 16वीं हॉकी इंडिया राष्ट्रीय सब जूनियर महिला हॉकी चैंपियनशिप का आयोजन 1 अप्रैल 2026 से रांची, झारखंड में किया जाएगा, जबकि 16वीं हॉकी इंडिया राष्ट्रीय सब जूनियर पुरुष हॉकी चैंपियनशिप उसी दिन से राजगीर, बिहार में आयोजित होगी.
प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का मूल्यांकन
आज के ट्रायल में चयनकर्ता के रूप में भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान असुंता लकड़ा, असरिता लकड़ा, मनोज कोनबेगी, गुरमीत राव और विजय शंकर सिंह मौजूद रहे. चयनकर्ताओं ने खिलाड़ियों के खेल कौशल, फिटनेस और प्रदर्शन के आधार पर उनका मूल्यांकन किया.
खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मौका
ट्रायल के दौरान हॉकी से जुड़े प्रशिक्षक और शारीरिक शिक्षा के शिक्षक भी मौजूद रहे, जिन्होंने चयन प्रक्रिया को सफल बनाने में सहयोग दिया. अधिकारियों ने कहा कि ऐसे ट्रायल से राज्य के उभरते खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मौका मिलता है और झारखंड में हॉकी को नई मजबूती मिलती है.


