Ranchi : झारखंड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की होटल एंड रेस्तरां उप समिति की बैठक सोमवार को चैम्बर भवन में आयोजित की गई. बैठक में राज्य में होटल और टूरिज्म सेक्टर के विकास, निवेश की संभावनाओं, सेवा गुणवत्ता में सुधार और रोजगार सृजन जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई.
बैठक के दौरान सदस्यों ने झारखंड में धार्मिक पर्यटन, इको टूरिज्म, मेडिकल टूरिज्म और सांस्कृतिक पर्यटन की व्यापक संभावनाओं को रेखांकित किया. इन क्षेत्रों को मजबूत बनाने के लिए सरकार, निजी क्षेत्र और संबंधित संस्थानों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया.
होटल संचालकों ने नगर निगम से जुड़ा एक अहम मुद्दा भी उठाया. उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से कूड़ा उठाव के नाम पर यूजर चार्ज की मांग की जा रही है, जबकि उस अवधि में कचरे का नियमित उठाव नहीं हो रहा था. संचालकों ने इसे अनुचित बताते हुए इस समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की.
चैम्बर के उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध राज्य है. यदि होटल और टूरिज्म सेक्टर को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाए तो यह राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित कर सकता है.
सह सचिव नवजोत अलंग ने कहा कि होटल और टूरिज्म इंडस्ट्री राज्य के समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार है. उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र और सरकार के सहयोग से झारखंड को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है.
झारखंड के विभिन्न जलप्रपातों और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के आसपास होटल और रिसॉर्ट की स्थापना को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे.
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि चैम्बर की ओर से होटल और टूरिज्म सेक्टर को सशक्त बनाने के लिए भविष्य में विभिन्न स्तरों पर संवाद, सुझाव और पहल की जाएगी.
बैठक में चैम्बर के उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, सह सचिव नवजोत अलंग, कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल, होटल एंड रेस्तरां उप समिति के चेयरमैन अरविंदर सिंह खुराना सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे.


