Saturday, September 12, 2026

झारखंड के हर जिले में ICU सुविधा मजबूत करने की तैयारी, विशेषज्ञ डॉक्टरों की सीटें बढ़ाने का लक्ष्य.

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रांची: झारखंड सरकार राज्य के सभी जिलों में गंभीर मरीजों के इलाज की व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य खासतौर पर ग्रामीण और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को समय पर ICU और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने शनिवार को रांची में आयोजित 14वें ईस्ट जोन क्रिटिकल केयर कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र की आगामी योजनाओं की जानकारी दी।

जिला स्तर पर ICU सेवाओं को बढ़ाने पर जोर

अजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य के कई गांव दुर्गम इलाकों में स्थित हैं। इन क्षेत्रों में एंबुलेंस या अन्य वाहनों की पहुंच आसान नहीं होती। ऐसे में गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना बड़ी चुनौती बन जाता है।

उन्होंने बताया कि ICU बेड की कमी, विशेषज्ञ चिकित्सकों की सीमित उपलब्धता और गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्च झारखंड की प्रमुख स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल हैं। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जिला स्तर पर क्रिटिकल केयर सेवाओं को मजबूत करने की योजना पर काम किया जा रहा है।

टेली-ICU और AI तकनीक का होगा इस्तेमाल

अपर मुख्य सचिव के अनुसार, राज्य में 10 बेड की टेली-ICU सुविधा के माध्यम से जिला स्तर पर गंभीर मरीजों के इलाज में सहायता दी जा रही है। इस व्यवस्था से विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह दूरदराज के अस्पतालों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का उपयोग बढ़ाया जाएगा। AI के जरिए मरीजों के स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न मापदंडों की निगरानी में सहायता मिलेगी। हालांकि, उपचार से संबंधित अंतिम निर्णय डॉक्टर ही लेंगे।

RIMS में विशेषज्ञ चिकित्सा की सीटें बढ़ेंगी

अजय कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल रिम्स में विशेषज्ञ चिकित्सा की पढ़ाई के लिए 9 सीटें उपलब्ध हैं। सरकार अगले तीन से चार वर्षों में इन सीटों की संख्या बढ़ाकर 100 करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

सीटों में बढ़ोतरी होने से राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे गंभीर मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों या बड़े शहरों पर निर्भरता कम हो सकती है।

सरकारी और निजी अस्पतालों में बेहतर समन्वय की जरूरत

उन्होंने सरकारी और निजी अस्पतालों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि स्वास्थ्य व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें मरीज की आर्थिक स्थिति या अस्पताल से दूरी इलाज हासिल करने में बाधा न बने।

13 सितंबर तक चलेगा क्रिटिकल केयर सम्मेलन

रांची क्रिटिकल केयर सोसाइटी की ओर से 11 से 13 सितंबर तक करमटोली स्थित सेलिब्रेशंस में सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “इंटीग्रेटेड क्रिटिकल केयर: ब्रिजिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड कंपैशन” रखी गई है।

सम्मेलन में देशभर से 150 से अधिक फैकल्टी और 200 से ज्यादा डॉक्टर भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम की शुरुआत एक दिवसीय हैंड्स-ऑन वर्कशॉप से हुई। इसके अलावा वैज्ञानिक सत्रों और विशेषज्ञों के बीच विभिन्न चिकित्सा विषयों पर चर्चा भी हो रही है।

कार्यक्रम में ISCCM के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणबीर सिंह त्यागी, राष्ट्रीय सचिव डॉ. घनश्याम जागोतकर सहित कई चिकित्सा विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

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