जमशेदपुर के मानगो नगर निगम इलाके को साफ-सुथरा बनाने के लिए 72 करोड़ रुपये की सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) योजना अटक गई है. तकनीकी स्वीकृति के बाद भी बजट आवंटित नहीं हुआ है. नगर विकास विभाग को निगम में फिर से लिखा पत्र. इससे संबंधित रिपोर्ट नीचे पढ़ें.
झारखंड के जमशेदपुर के मानगो नगर निगम इलाके को साफ-सुथरा बनाने की कोशिश सरकारी कागजात और पत्रों के बीच उलझ गई है. नगर विकास विभाग की ओर से 72 करोड़ रुपये की सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) योजना को तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन बजट नहीं मिलने की वजह से यह योजना अब तक शुरू नहीं हो पाई है. प्लांट के लिए तीन अलग-अलग स्थानों पर कुल 4.5 एकड़ जमीन की आवश्यकता है. चाणक्यपुरी में एक एकड़, लक्ष्मण नगर में 3 और बैकुंठ नगर में आधा एकड़ जमीन पर एसटीपी प्लांट लगना है. जमीन भी चिह्नित की जा चुकी है. योजना पूरी होने पर प्रतिदिन 31.5 मिलियन लीटर (एमएलडी) गंदा पानी साफ होकर सुवर्णरेखा नदी में गिरेगा.
2023-24 में बना रिपोर्ट, अब तक नहीं मिली राशि
योजना की प्रोजेक्ट रिपोर्ट कंसल्टेन्सी फर्म एनजेएस ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में ही तैयार किया था. विभाग से हरी झंडी मिलने के बाद उम्मीद जगी थी कि जल्द ही मानगो के 9 बड़े नालों का गंदा पानी साफ होकर नदी में गिरेगा, लेकिन बजट का आवंटन नहीं होने से योजना टेंडर के प्रोसेस तक भी नहीं पहुंच सकी है. नगर निगम ने एक बार फिर रिमाइंडर भेजकर फंड की मांग की है जिससे कि शहर को गंदगी से निजात मिल सके.
इन तीन जगहों पर बनेंगे प्लांट
- चाणक्यपुरी: 1 एकड़ जमीन
- लक्ष्मण नगर: 3 एकड़ जमीन
- बैकुंठ नगर: 0.5 एकड़
उप नगर आयुक्त ने क्या कहा?
मानगो नगर निगम के उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार ने कहा कि एसटीपी योजना के लिए तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन योजना को धरातल पर उतारने के लिए अभी फंड नहीं मिला है. फंड के लिए नगर विकास विभाग को फिर से पत्र लिखा गया है. राशि मिलते ही प्राथमिकता के आधार पर कार्य प्रारंभ कराया जायेगा.


