झारखंड की 9 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत मुफ्त जांच और इलाज का लाभ उठाया. हर महीने 9 तारीख को सरकारी अस्पतालों में विशेष एंटे-नेटल जांच उपलब्ध होती है. इस योजना के तहत मातृ मृत्यु दर में कमी आई है और महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं.
रांची : जब महिला मां बनने वाली होती हैं तो उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि उन्हें कई तरह के जांच कराने पड़ते हैं. कई लोग तो पैसों की तंगी के कारण सभी तरह के जांच भी नहीं करा पाते हैं. इसके अलावा दूर दराज में रहने वाली महिलाओं को गर्भवस्था दौरान कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. लेकिन केंद्र सरकार द्वारा जारी प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान योजना से इन परेशानियों से निजात मिल सकता है. इस योजना के जरिये गर्भवती महिलाओं को मुफ्त में गुणवत्तापूर्ण और स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं. इस अभियान को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा साल 2016 में शुरू किया गया था.
हर महीने 9 तारीख को मिलती है मुफ्त जांच
इस योजना के तहत हर महीने की 9 तारीख को देशभर के सभी सरकारी अस्पतालों, पीएचसी, सीएचसी और जिला अस्पतालों में विशेष एंटे-नेटल जांच की सुविधा दी जाती है. अगर 9 तारीख किसी छुट्टी या रविवार को पड़े, तो जांच अगले कार्य दिवस में कराई जाती है
किसे मिलता है लाभ
इस योजना के तहत देश की हर गर्भवती महिला जांच करवा सकती हैं. इसका लाभ खासतौर पर उन महिलाओं को फायदा मिलता है जो गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही में होती हैं. इसके लिए किसी वर्ग, जाति या आय की शर्त नहीं होती है.
क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं इस योजना के जरिये
इस अभियान में गर्भवती महिलाओं को डॉक्टरों द्वारा विशेष जांच की सुविधा मिलती है. इसमें कई तरह के टेस्ट शामिल हैं, जैसे:
- खून और यूरिन की जांच
- शुगर और ब्लड प्रेशर जांच
- अल्ट्रासाउंड
- जरुरत पड़ने पर दवाइयां, आईएफए और कैल्शियम सप्लीमेंट दिए जाते हैं.
- उच्च जोखिम वाली प्रेगनेंसी की पहचान कर उन्हें आगे विशेषज्ञ अस्पतालों में रेफर भी किया जाता है.
देश में मातृ मृत्यु दर घटी
सरकार द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार PMSMA के की वजह से देश में मातृ मृत्यु दर में कमी आई है और लाखों महिलाओं की समय पर जांच और इलाज हो पाया है.
झारखंड की 9 लाख से अधिक महिलाओं ने उठाया है लाभ
झारखंड की भी 9 लाख से अधिक महिलाओं ने इसका लाभ उठा लिया है. indiangovtscheme.com की एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2023 तक राज्य की 9 लाख 16 हजार 538 महिलाओं ने इस योजना के तहत अपना इलाज कराया है. सबसे अधिक 143091 लाभुक सरायकेला जिले हैं. दूसरे स्थान पर पश्चिमी सिंहभूम है, जहां की 101347 महिलाओं ने इस स्कीम का लाभ लिया है. राजधानी रांची की 35372 महिलाओं ने इस योजना का फायदा उठाया है.


