पाकुड़: झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय प्रसाद शुक्रवार को पाकुड़ पहुंचे. यहां उन्होंने व्यवहार न्यायालय एवं मंडल कारा का निरीक्षण किया. इस मौके पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिवाकर पांडेय, न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, डीसी एवं एसपी मौजूद रहे.
न्यायाधीश ने निरीक्षण के बाद कैदियों से बातचीत की
न्यायाधीश संजय प्रसाद ने व्यवहार न्यायालय में अधिवक्ताओं एवं न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक की और उनकी समस्याओं को जाना और निदान का आश्वासन दिया. न्यायाधीश संजय प्रसाद ने मंडल कारा का भी निरीक्षण किया और यहां मौजूद कैदियों से बातचीत की.
जस्टिस ने जागरूकता शिविर में भाग लिया
निरीक्षण के क्रम में न्यायाधीश संजय प्रसाद ने मंडल कारा में हेल्प डेस्क का उदघाटन किया. इसके बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा रविंद्र नगर भवन में आयोजित जागरूकता शिविर में भाग लिया. यहां आयोजित जागरूकता शिविर में कलाकारों द्वारा बाल विवाह, बाल तस्करी, बाल मजदूरी पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रस्तुतीकरण किया गया. वहीं पुलिस अधिकारी द्वारा बाल अपराध, बाल विवाह व बाल मजदूरी व यौन शोषण (पॉक्सो एक्ट) के बारे में बताया और कानूनी पहलूओं की जानकारी विस्तार से दी.
न्यायाधीश ने बाल अपराध पर रोक लगाने पर दिया जोर
इस मौके पर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय प्रसाद ने आयोजित जागरूकता शिविर को संबोधित किया. न्यायाधीश ने बाल अपराध पर रोक लगाए जाने, प्रशासनिक अधिकारियों व न्यायिक अधिकारियों द्वारा कार्रवाई पर प्रकाश डाला. वहीं न्यायाधीश ने दर्जनों लाभुकों के बीच मुआवजा राशि के अलावा परिसंपत्ति का वितरण किया.
अपने संबोधन में न्यायाधीश संजय प्रसाद ने कहा अभिभावकों को पढ़ाई के साथ साथ अपने बच्चों की हर गतिविधि पर ध्यान रखने, बच्चों के साथ खुलकर बात करने, अभिभावक खुद जागरूक बच्चों पर होने वाले अपराध की शिकायत निकटवर्ती थाने में करें ताकि समय पर कानून अपराधियों पर कार्रवाई कर सके. साथ ही जो गरीब तबके हैं और कानूनी सहायता लेने में उन्हें दिक्कत हो रही हो वे प्राधिकारी के समक्ष आवेदन या जानकारी दे सकते हैं ताकि उन्हें मुफ्त में कानूनी सहायता मुहैया करााई जा सके.
पत्रकारों को न्यायाधीश संजय प्रसाद ने बताया कि व्यवहार न्यायालय व मंडल कारा का निरीक्षण किया गया है. न्यायधीश ने कहा कि निरीक्षण के क्रम में डीएलएसए को और बेहतर बनाने का निर्देश दिया गया है ताकि यहां आने वाली महिलाएं एवं बच्चों को कोई दिक्कत न हो.
हाईकोर्ट जस्टिस ने अधिवक्ताओं के साथ बैठक की
उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के साथ हुई बैठक में न्यायालय परिसर के निकट ट्रैफिक जाम, बार भवन, पेयजल आदि समस्याओं को रखा है और इन समस्याओ के निदान को लेकर जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है और प्रशासनिक अधिकारियों ने यह आश्वासन दिया है कि जल्द ही समस्या का निदान किया जायेगा.
अपने अधिकार के प्रति रहे जागरूक: न्यायाधीश संजय प्रसाद
न्यायाधीश ने कहा कि लोग अपने अधिकार के प्रति जागरूक रहे और खास कर अभिभावक अपने बच्चों पर ध्यान दें. न्यायालय में लंबे समय तक जमीन विवाद के मामले नहीं सुलझने एवं न्यायिक अधिकारियों को फैसले में हो रही देरी को लेकर न्यायाधीश ने कहा कि जमीन विवाद मामले के निष्पादन में तेजी तभी हो पाती है, जब दोनों पक्ष एक साथ आते हैं.
उन्होंने कहा कि जमीन विवाद से संबंधित कुछ ऐसे गंभीर मामले होते हैं, जिसका कागजात न्यायिक अधिकारियों को विलंब से मिलने, गवाह समय पर नहीं पहुंचने के कारण देर होती है, ऐसे मामले में समय लगता है लेकिन पीड़ित को न्याय मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में वाजिब को न्याय नहीं मिल पाता है, इसलिए थोड़ा वक्त लग जाता है.


