Friday, July 17, 2026

झरिया पुनर्वास योजना को मिलेगा रोजगार का सहारा, बेलगढ़िया में टेक्सटाइल यूनिट स्थापित करने पर मंथन.

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धनबाद: झरिया की आग और भू-धंसान से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को केवल आवास उपलब्ध कराने तक सीमित न रखकर उन्हें रोजगार से जोड़ने की दिशा में भी पहल तेज हो गई है। इसी उद्देश्य से शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।

बैठक में झरिया मास्टर प्लान के तहत पुनर्वासित परिवारों के लिए धनबाद के बेलगढ़िया क्षेत्र में टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के प्रस्ताव पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। प्रस्तावित इकाई के माध्यम से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया।

रोजगार और कौशल विकास पर विशेष फोकस

बैठक के दौरान टेक्सटाइल यूनिट की व्यवहार्यता, स्थानीय युवाओं के कौशल विकास, औद्योगिक संभावनाओं और रोजगार सृजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने इस बात पर बल दिया कि पुनर्वास योजना का उद्देश्य केवल सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों के लिए स्थायी आजीविका सुनिश्चित करना भी है।

आधुनिक तकनीक से होगी निगरानी

झरिया मास्टर प्लान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी चर्चा हुई। नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) के अधिकारियों के साथ सैटेलाइट इमेजिंग के माध्यम से क्षेत्र का सटीक मानचित्रण करने और आग एवं भू-धंसान प्रभावित उच्च जोखिम वाले इलाकों की लगातार निगरानी की रणनीति पर विचार किया गया।

पुनर्वास योजना को मिलेगी नई दिशा

बैठक के अंत में बीसीसीएल ने झरिया मास्टर प्लान के प्रभावी क्रियान्वयन, सुरक्षित पुनर्वास और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यदि बेलगढ़िया में प्रस्तावित टेक्सटाइल यूनिट स्थापित होती है, तो इससे झरिया के पुनर्वासित परिवारों के लिए रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर खुल सकते हैं।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में कोयला मंत्रालय के सचिव विक्रम देव दत्त, बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन, आदित्य बिड़ला समूह के ग्रुप प्रेसिडेंट (कॉर्पोरेट अफेयर्स) के. वी. सुनील, राजधानी टेक्सटाइल्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रवेश कोचेता सहित कोयला मंत्रालय और संबंधित संस्थाओं के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

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