Friday, May 15, 2026

ज्येष्ठ महीने की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि पर भगवान रुद्र का शासन है.

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आज 15 मई, 2026 शुक्रवार, के दिन ज्येष्ठ महीने की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि है. इस तिथि पर भगवान रुद्र शासन करते हैं. साधना करने, शिव पूजा और समस्याओं पर काबू पाने की योजना बनाने के लिए ये एक अच्छा दिन है. लेकिन, विवाह या शुभ समारोह इस दिन नहीं करना चाहिए.

15 मई का पंचांग :

  • विक्रम संवत : 2082
  • मास : ज्येष्ठ
  • पक्ष : कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
  • दिन : शुक्रवार
  • तिथि : कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
  • योग : आयुष्यमान
  • नक्षत्र : अश्विनी
  • करण : वणिज
  • चंद्र राशि : मेष
  • सूर्य राशि : मेष
  • सूर्योदय : 05:29:00 AM
  • सूर्यास्त : 07:05:00 PM
  • चंद्रोदय : 04:41, मई 16
  • चंद्रास्त : 17:31
  • राहुकाल : 10:35 से 12:17
  • यमगंड : 15:41 से 17:23

आज का नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र में रहेगा. नक्षत्र गणना में अश्विनी पहला नक्षत्र है. इसका विस्तार मेष राशि में 0 से 13.2 डिग्री तक होता है. इसके देवता अश्विनी कुमार है, जो जुड़वा देवता है और देवताओं के चिकित्सक के रूप में प्रसिद्ध है. इसका स्वामी ग्रह केतु है. आज नए कार्यों की शुरुआत और तेजी का संकेत दे रहा है. केतु के प्रभाव से अचानक निर्णय लेने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है, इसलिए संतुलन बनाए रखना आवश्यक रहेगा. अश्विनी कुमार के प्रभाव से स्वास्थ्य, उपचार और नई ऊर्जा प्राप्त करने के अच्छे योग बनते हैं.

आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 10:35 से 12:17 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.

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