दवा और हेल्थकेयर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने अपने टैल्क आधारित उत्पादों से जुड़े लंबे समय से चल रहे कानूनी विवादों को खत्म करने के लिए बड़ा समझौता किया है। कंपनी ने करीब 5.5 अरब डॉलर (लगभग 52,642 करोड़ रुपये) के भुगतान पर सहमति जताई है। यह समझौता उन हजारों मामलों को सुलझाने के उद्देश्य से किया गया है, जिनमें आरोप लगाया गया था कि कंपनी के बेबी पाउडर और अन्य टैल्क उत्पादों के इस्तेमाल से महिलाओं में ओवेरियन कैंसर हुआ।
95 फीसदी मामलों में सहमति के बाद लागू होगा समझौता
कंपनी के अनुसार, यह समझौता तभी प्रभावी माना जाएगा जब लंबित मामलों में शामिल कम से कम 95 प्रतिशत दावेदार या उनके प्रतिनिधि इसकी शर्तों को स्वीकार करेंगे। मंजूरी मिलने के बाद अमेरिका में चल रहे संबंधित मुकदमों को स्थायी रूप से समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
किस तरह किया जाएगा भुगतान?
समझौते के तहत जॉनसन एंड जॉनसन यह राशि चरणों में चुकाएगी। कंपनी 2027 में शुरुआती तौर पर करीब 3 अरब डॉलर तक का भुगतान कर सकती है, जबकि बाकी रकम का भुगतान 2028 से शुरू होने की योजना है। इससे कंपनी पर एक साथ बड़ा आर्थिक दबाव नहीं आएगा।
कंपनी ने आरोपों को नकारा
जॉनसन एंड जॉनसन ने कहा है कि वह अपने टैल्क उत्पादों को लेकर लगाए गए आरोपों से सहमत नहीं है। कंपनी के ग्लोबल लिटिगेशन वाइस प्रेसिडेंट एरिक हास ने कहा कि कंपनी का मानना है कि इन दावों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। उनके अनुसार, लंबे समय के शोध और विशेषज्ञों की राय में कॉस्मेटिक टैल्क को सुरक्षित माना गया है और इसमें एस्बेस्टस की मौजूदगी नहीं पाई गई।
हालांकि, लगातार चल रहे मुकदमों और कानूनी प्रक्रिया को समाप्त करने के उद्देश्य से कंपनी ने समझौते का रास्ता चुना है।
टैल्क उत्पादों को लेकर कंपनी ने उठाए कई कदम
विवाद के बाद जॉनसन एंड जॉनसन ने अपने कारोबार में कई बदलाव किए हैं। कंपनी ने 2023 में वैश्विक स्तर पर टैल्क आधारित जॉनसन बेबी पाउडर की बिक्री बंद कर दी थी। अब कंपनी की ओर से कॉर्नस्टार्च आधारित पाउडर बाजार में उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इसके अलावा, 2023 में कंपनी ने अपने कंज्यूमर हेल्थ बिजनेस को अलग कर नई कंपनी के रूप में केनव्यू (Kenvue) बनाया था। हालांकि, टैल्क उत्पादों से जुड़े कानूनी मामलों की जिम्मेदारी जॉनसन एंड जॉनसन ने अपने पास रखी है।
पुराने कानूनी मामलों को खत्म करने की कोशिश
यह समझौता कंपनी की ओर से किए जा रहे उन प्रयासों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य वर्षों पुराने कानूनी विवादों को समाप्त करना है। इससे पहले भी कंपनी ने कुछ कैंसर संबंधी दावों और उपभोक्ता मामलों से जुड़े मामलों का निपटारा किया है।
