जिंदल फाउंडेशन झारखंड में शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के साथ साझेदारी करेगा। फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल को ‘अभिरुचि की अभिव्यक्ति’ सौंपी। इस पहल में सार्वजनिक नीति, कानून, जलवायु परिवर्तन पर शैक्षणिक सहयोग, उत्कृष्टता केंद्र विकसित करना और स्टील व खनिज क्षेत्र में अनुसंधान शामिल है
रांची। जिंदल फाउंडेशन झारखंड में शिक्षा को बढ़ावा देने तथा यहां के युवाओं के कौशल विकास में राज्य सरकार के साथ साझेदारी करेगा।
इसे लेकर फाउंडेशन ने राज्य सरकार को अपनी ‘अभिरुचि की अभिव्यक्ति’ सौंपी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी कहा है कि राज्य सरकार शिक्षा और क्षमता निर्माण के माध्यम से राज्य के युवाओं को वैश्विक मंच के लिए तैयार करना चाहती है।
जिंदल फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लंदन गए उच्च स्तरीय डेलीगेशन को यह ”अभिरुचि की अभिव्यक्ति” प्रस्तुत की है। दिए गए प्रस्ताव के तहत पूर्वी भारत की चुनौतियों को केंद्र में रखते हुए जिंदल फाउंडेशन पब्लिक पालिसी, कानून और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर शैक्षणिक सहयोग करेगा
इसका उद्देश्य क्षेत्रीय छात्रों को समावेशी और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा से जोड़ना है। साथ ही यह संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने में सहयोग करेगा। इसके तहत आईआईटी-आईएसएम धनबाद, बीआईटी सिंदरी एवं अन्य के साथ मिलकर एक रिसर्च सेंटर बनाया जाएगा।
यह केंद्र स्टील सेक्टर, खनिज प्रसंस्करण और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में शोध और नवाचार का नेतृत्व करेगा। फाउंडेशन की ओर से कहा गया कि झारखंड में विशेष रूप से रामगढ़ और पतरातू के एक बड़े ‘स्टील हब” के रूप में उभरने के कारण राज्य को स्किल्ड मैनपावर की आवश्यकता है।
फाउंडेशन इस मांग को पूरा करने और मानव विकास सूचकांक को बेहतर बनाने की दिशा में काम करेगा।
राज्य सरकार और फाउंडेशन की शुरू होगी संयुकत छात्रवृत्ति
जिंदल फाउंडेशन ने हाशिए पर रहने वाले मेधावी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना शुरू करने का भी प्रस्ताव दिया है। इसके तहत फाउंडेशन और राज्य सरकार के बीच 50:50 की लागत से एक संयुक्त छात्रवृत्ति शुरू की जाएगी।
इसके तहत वंचित समुदायों और छात्राओं को कानून, सार्वजनिक नीति और प्रबंधन में उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसमें खेल-आधारित छात्रवृत्तियां भी शामिल होंगी।
यह छात्रवृत्ति केवल उन खिलाड़ियों के लिए नहीं होगी जो मैदान पर उत्कृष्ट हैं, बल्कि यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य के होनहार एथलिटों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कोई आर्थिक बाधा न आए।
प्रशासनिक व पुलिस सेवा के पदाधिकारियों के लिए मिड टर्म प्रशिक्षण
यह फाउंडेशन प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारियों के क्षमता निर्माण के लिए मिड टर्म प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी सहयोग करेगा। इसके तहत 30 पदाधिकारियों के लिए वर्ष में दो बार विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि शासन और सेवा वितरण में वैश्विक मानकों को अपनाया जा सके।


