Friday, April 4, 2025

जानें इस मौसम में कितना होना चाहिए AC का तापमान? AC की हवा से हो सकती हैं ये बीमारियां

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एयर कंडीशनिंग के हमारे स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों के बारे में जानना महत्वपूर्ण है. खबर में जानें क्या-क्या स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती है.

मौसम बदलते ही अधिकतर लोगों को गर्मी और सर्दी की समस्या का सामना करना पड़ता है. इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है. अप्रैल की शुरुआत से पहले ही अधिकतर जगहों पर काफी गर्मी पड़ रही है. अधिकतर घरों में पंखे चलने लगे हैं. वहीं, कई लोगों ने एसी का इस्तेमाल भी शुरू कर दिया है. हम सभी जानते हैं कि एसी की हवा शरीर को कई तरह के नुकसान पहुंचा सकती है, लेकिन फिर भी हम सभी इसका इस्तेमाल करते हैं.

लोग करें भी क्यों ना AC इस्तेमाल, हम सभी जानते हैं कि आजकल मौसम इतना गर्म हो गया है कि लोगों को पंखे की हवा भी महसूस नहीं होती है. बदलते माहौल में तापमान बढ़ जाता है, इसलिए एसी का इस्तेमाल बढ़ गया है. गर्मियों की चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं से अधिकतर लोग हिम्मत हार जाते हैं, ऐसे में एयर कंडीशनिंग एक वरदान की तरह लगती है. घर, ऑफिस, बस, मेट्रो और मॉल, ऐसी कोई जगह नहीं बची जहां एसी की सुविधा न दी गई हो… क्योंकि अब लोग उन जगहों पर जाने से बचने लगे हैं जहां एसी न हो. एसी वाले कमरे में निश्चित रूप से बेहतर नींद आती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी जिंदगी को आरामदायक बनाने वाला एसी आपकी सेहत के लिए खतरा भी पैदा कर रहा है? अगर नहीं जानते तो इस खबर के जरिए जानिए…

विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक AC में रहने की आदत स्किन ड्राइनेस से लेकर ज्वाॅइंट पेन तक कई हेल्थ प्रोब्लेम्स का कारण बन सकती है. एयर कंडीशनर का लंबे समय तक इस्तेमाल फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचाता है. एयर कंडीशनिंग के लंबे समय तक संपर्क में रहने से कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, जिनमें ड्राई स्किन, सूखी आंखें, स्पिरेटरी प्रोब्लेम्स और संक्रमण के प्रति संवेदनशीलता में वृद्धि शामिल है, खासकर अगर एसी इकाइयों का उचित रखरखाव न किया जाए.

AC में रहने के कारण हो सकती है यह बीमारियां

स्पिरेटरी प्रोब्लेम्स- एसी सिस्टम नमी को कम कर सकते हैं, जिससे हवा ड्राई हो जाती है, जो श्वसन मार्गों को परेशान कर सकती है और सांस लेना अधिक कठिन बना सकती है, खासकर अस्थमा या एलर्जी वाले लोगों के लिए.

एलर्जी और अस्थमा: ड्राई हवा एलर्जी और अस्थमा जैसी मौजूदा श्वसन स्थितियों को बढ़ा सकती है, जिससे खांसी, घरघराहट और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण हो सकते हैं.

इंफेक्शियस डिजीज: AC प्रणालियां हवा को पुनः प्रसारित कर सकती हैं, जिससे वायुजनित रोगाणुओं के फैलने की संभावना हो सकती है तथा स्पिरेटरी प्रोब्लेम्स का खतरा बढ़ सकता है.

सूखी त्वचा और आंखें में जलन: एसी से निकलने वाली ड्राई एयर से त्वचा शुष्क, खुजलीदार और परतदार हो सकती है, खास तौर पर संवेदनशील त्वचा या एक्जिमा वाले लोगों के लिए. इसी तरह, Air-conditioned environment में नमी कम होने के कारण सूखी आंखें, खुजली और जलन हो सकती है.

डिहाइड्रेशन: एसी में रहने वाले लोग पर्याप्त पानी पीना भूल सकते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन हो सकता है

थकान और सुस्ती: लगातार ठंड के कारण शरीर गर्म रहने के लिए अधिक ऊर्जा का उपयोग कर सकता है, जिससे थकान और सुस्ती हो सकती है.

जोड़ों का दर्द और अकड़न: ठंडे वातावरण में कुछ व्यक्तियों में मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द बढ़ सकता है.

सिरदर्द: कुछ लोगों को वातानुकूलित वातावरण में सिरदर्द का अनुभव हो सकता है. कुछ व्यक्तियों को ठंडे वातावरण में बहुत अधिक समय बिताने पर फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं.

ये टिप्स आएंगे काम

इस मौसम में AC को 24°C से 28°C के बीच सेट करें. इस रेंज में कमरे का तापमान न तो बहुत अधिक गर्म होगा और न ही बहुत अधिक ठंडा.

इस्तेमाल करने से पहले AC की सर्विसिंग करवा लें ताकि उसमें मौजूद धूल, बैक्टीरिया और फंगस साफ हो जाएं. गंदे फिल्टर नवजात शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता और फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं.

(डिस्क्लेमर: इस रिपोर्ट में आपको दी गई सभी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सलाह केवल आपकी सामान्य जानकारी के लिए है. हम यह जानकारी वैज्ञानिक अनुसंधान, अध्ययन, चिकित्सा और स्वास्थ्य पेशेवर सलाह के आधार पर प्रदान करते हैं. आपको इसके बारे में विस्तार से जानना चाहिए और इस विधि या प्रक्रिया को अपनाने से पहले अपने निजी चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए.)

Know what should be the temperature of AC in this season? These diseases can be caused by AC air

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