जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में बिजली ट्रांसमिशन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने जिले की दो प्रमुख विद्युत परियोजनाओं के लिए स्टेज-1 यानी सैद्धांतिक वन मंजूरी दे दी है।
मंजूरी मिलने के बाद जमशेदपुर वन प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले निर्धारित वन क्षेत्र में परियोजना से जुड़े निर्माण कार्य आगे बढ़ाने का रास्ता खुल गया है। इन परियोजनाओं में चाकुलिया LILO-1 और चाकुलिया LILO-2 की 132 केवी डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइनें शामिल हैं।
बहरागोड़ा और धालभूमगढ़ के बिजली नेटवर्क को जोड़ेंगी लाइनें
प्रस्तावित दोनों ट्रांसमिशन लाइनें पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा और धालभूमगढ़ क्षेत्र के विद्युत नेटवर्क को आपस में जोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगी। इनके निर्माण के बाद संबंधित इलाकों में बिजली ट्रांसमिशन की क्षमता बढ़ाने और नेटवर्क को अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
परियोजना का क्रियान्वयन झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड (JUSNL) की ओर से किया जा रहा है।
विश्व बैंक की परियोजना के तहत हो रहा काम
दोनों ट्रांसमिशन परियोजनाओं को झारखंड पावर सिस्टम इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। इस परियोजना के लिए विश्व बैंक से वित्तीय सहायता मिलने की जानकारी दी गयी है।
वन मंजूरी मिलने के बाद अब संबंधित परियोजनाओं के निर्माण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया को गति मिलने की संभावना है।
भविष्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने में मिलेगी मदद
नयी ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण से पूर्वी सिंहभूम के संबंधित क्षेत्रों में विद्युत संचरण व्यवस्था की क्षमता बढ़ाने में सहायता मिल सकती है। मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क से मौजूदा बिजली व्यवस्था को बेहतर करने के साथ आने वाले समय में बढ़ने वाली बिजली की मांग को पूरा करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
वन क्षेत्र से संबंधित आवश्यक मंजूरी की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा होने के बाद अब परियोजना को जमीन पर उतारने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।
