जमशेदपुर: विश्व बाघ दिवस के मौके पर टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में वन्यजीव संरक्षण को लेकर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों, खासकर बच्चों को बाघों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) सबा आलम मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। उन्होंने बाघों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाघ जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बच्चों से वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की।
बच्चों ने किया पौधरोपण, लिया संरक्षण का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों ने पौधरोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। बच्चों को बताया गया कि जंगल, वन्यजीव और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों ने बच्चों को बाघों के प्राकृतिक आवास, उनके सामने आने वाली चुनौतियों और संरक्षण के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वन्यजीवों का संरक्षण पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
नई पीढ़ी को जोड़ने की पहल
आयोजकों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों में प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। कार्यक्रम में टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क के अधिकारी, वन विभाग के कर्मी और विभिन्न स्कूलों के छात्र शामिल हुए।
