नई दिल्ली: बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव से जुड़े चेक बाउंस मामले की सुनवाई बुधवार, 18 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट में हुई. कोर्ट ने राजपाल यादव की अंतरिम जमानत 1 अप्रैल तक बढ़ा दी है. कोर्ट ने यादव के वकील को अगली सुनवाई में मुख्य याचिका पर अपनी दलीलें पेश करने का निर्देश दिया है. सुनवाई के बाद राजपाल को दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर देखा गया और उन्होंने हालिया सुनवाई के बारे में मीडिया से बात की.
कोर्ट ने शिकायत करने वाली कंपनी को राजपाल यादव द्वारा की गई बड़ी पेमेंट को देखते हुए उनकी अंतरिम जमानत अगली सुनवाई की तारीख तक बढ़ा दी है. इस मामले की सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने की.
सुनवाई की शुरुआत में, राजपाल यादव के वकील ने कोर्ट को बताया कि रेगुलर जमानत की अर्जी दाखिल कर दी गई है और पहले दी गई अंतरिम सुरक्षा आज खत्म हो रही है.
उन्होंने बताया कि शिकायत करने वाली कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को कुल 4.25 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका है, और 25 लाख रुपये का एक और डिमांड ड्राफ्ट सौंपा जा रहा है.
की गई पेमेंट्स को देखते हुए कोर्ट ने कहा, ‘आपने एक बड़ी रकम चुका दी है, इसलिए हम आपको वापस जेल नहीं भेज रहे हैं.’ इसी के मुताबिक यादव की अंतरिम जमानत अगली सुनवाई की तारीख तक बढ़ा दी.
सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने राजपाल यादव से विवाद से जुड़े लोन के बारे में सवाल पूछे. जवाब में, एक्टर ने माना कि उन्होंने लोन लिया था. कोर्ट ने कहा कि बकाया चुकाने के लिए पहले भी कई मौके दिए गए थे, लेकिन उनका पालन नहीं किया गया.
कोर्ट को संबोधित करते हुए, एक्टर ने कहा कि 2016 में, उन्हें लगभग 10.40 करोड़ रुपये चुकाने का निर्देश दिया गया था और उन्होंने एक दोस्त की 28 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज भी पेश किए थे. 2 करोड़ रुपये सहित कुछ पेमेंट करने के बावजूद, शिकायत करने वाला बाकी रकम लेने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा था और इसके बजाय चाहता था कि उन्हें जेल भेज दिया जाए.
उन्होंने कोर्ट को बताया कि इसके बाद उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया गया और वे लगभग तीन महीने तक वहीं रहे. राजपाल यादव ने आगे कहा कि एक बार जब उन्हें जेल जाना पड़ा, तो उनकी आर्थिक हालत और भी खराब हो गई. उन्होंने यह भी बताया कि 22 करोड़ रुपये के निवेश वाला एक फिल्म प्रोजेक्ट बुरी तरह घाटे में चला गया, जिसमें लगभग 17 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
सुनवाई के बाद, कॉमेडियन एक्टर ने प्रेस से बात की और कहा, ‘अगली सुनवाई 1 अप्रैल को तय है. मुझे भारतीय न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है. दूध का दूध और पानी का पानी करने की पूरी कोशिश करेंगे.’
इससे पहले, हाई कोर्ट ने यादव की सजा 18 मार्च तक के लिए निलंबित कर दी थी. यह फैसला कुछ शर्तों के साथ लिया गया था, जिनमें एक पर्सनल बॉन्ड भरना और अपना पासपोर्ट जमा करना शामिल था.
यह मामला कई चेक बाउंस की शिकायतों से जुड़ा है, जिनमें ट्रायल कोर्ट ने एक्टर को सजा सुनाई थी. हालांकि, समझौते को आसान बनाने के लिए पहले राहत दी गई थी, लेकिन भुगतान के वादों का पालन न करने के मामले में हाई कोर्ट ने अतीत में ज्यादा सख्त रुख अपनाया था. अब जबकि अंतरिम राहत जारी है, इस मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल को होनी है; उस दिन कोर्ट से मुख्य याचिका पर दलीलें सुनने की उम्मीद है.


