Monday, August 10, 2026

चारों लेबर कोड वापस लेने की मांग, कोयला मजदूरों ने सीसीएल रजरप्पा कार्यालय पर किया प्रदर्शन.

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रामगढ़: केंद्र सरकार के चार लेबर कोड और कोयला मजदूरों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मोर्चा ने सोमवार को सीसीएल रजरप्पा क्षेत्र के महाप्रबंधक कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान मजदूर संगठनों ने केंद्र सरकार और सीसीएल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें उठाईं।

प्रदर्शन का नेतृत्व संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष राजेन्द्रनाथ चौधरी ने किया। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार मजदूरों से जुड़े चारों लेबर कोड को वापस नहीं लेती है तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

12वें वेतन समझौते के लिए जेबीसीसीआई गठन की मांग

प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं ने कोल इंडिया में 12वें वेतन समझौते की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए जेबीसीसीआई का जल्द गठन करने की मांग की। इसके अलावा कोयला उद्योग में आउटसोर्सिंग और निजीकरण पर रोक लगाने की भी मांग रखी गई।

राजेन्द्रनाथ चौधरी ने सीसीएल प्रबंधन पर मजदूरों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों का कथित शोषण बंद होना चाहिए, अन्यथा संगठन आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।

करीब दो घंटे चला धरना

संयुक्त मोर्चा का धरना करीब दो घंटे तक चला। इस दौरान विभिन्न यूनियनों से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की श्रम नीतियों का विरोध करते हुए मजदूर हितों से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग की।

धरना समाप्त होने के बाद मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सीसीएल रजरप्पा क्षेत्र के एसओपी रामानुज प्रसाद को सौंपा। ज्ञापन कोल इंडिया के चेयरमैन के नाम दिया गया।

ये नेता रहे मौजूद

कार्यक्रम में चंद्रेश्वर सिंह, रविंद्र वर्मा, हाजी अख्तर आजाद, महेंद्र मिस्त्री, सुखसागर सिंह, आरपी सिंह, प्रदीप पटवा, बिनोद कुमार, शिव प्रसाद बेदिया, अब्दुल शाहिद और बीके पोद्दार समेत कई अन्य यूनियन नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

संयुक्त मोर्चा ने संकेत दिया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं होती है तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।

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