भागलपुर में समीर रंजन नामक एक व्यक्ति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को व्हाट्सएप पर जान से मारने की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उसने मंटू चौधरी को फंसाने की साजिश रची थी और वह मोबाइल क्लोनिंग में माहिर है। उसने वीपीएन का उपयोग करके कई व्हाट्सएप खाते चलाए और प्रधानमंत्री की रैली में हमले की धमकी दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
भागलपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को वॉट्सएप मैसेज भेज जान से मारने की धमकी देने वाला समीर रंजन मोबाइल की क्लोनिंग में काफी दक्ष है। उसने रिश्ते में चाचा लगने वाले मंटू चौधरी को फंसाने और जेल भिजवाने के लिए यह साजिश रची थी, लेकिन खुद ही पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने उससे लंबी पूछताछ की, जिसमें पता चला कि वह एक मोबाइल में चार प्रॉक्सी वॉट्सएप चलाता था। उसके कॉन्टैक्ट लिस्ट में एक बार आने वाले किसी भी व्यक्ति का वॉट्सएप वह वीपीएन पर एक्टिवेट कर लेता था। यही नहीं, एक वॉट्सएप को हाइड कर दूसरा चलाता था।
अपनी तकनीकी दक्षता का फायदा उठाते हुए उसने सुल्तानगंज थानाक्षेत्र के अपने गांव महेशी के 71 वर्षीय बुजुर्ग मंटू चौधरी का वॉट्सएप एक्टिवेट कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हत्या की धमकी दे अपनी पुरानी रंजिश निकालने की साजिश रची थी। इसके लिए उसने पटना में 29 और 30 मई को प्रधानमंत्री की होने वाली रैली में हमला का मैसेज सेंड कर प्रसारित कराया, ताकि सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान मंटू चौधरी की तरफ आकर्षित हो सके।
उसने सुरक्षा एजेंसियों को वॉट्सएप मैसेज भेजा कि पटना में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हत्या करा बिहार नहीं बल्कि इंडिया का सबसे बड़ा डॉन मंटू चौधरी बनना चाहता है।
24 फरवरी को भागलपुर में हुई रैली के पूर्व भी मंटू चौधरी के नाम डाला था मैसेज:
समीर रंजन ने 24 फरवरी 2025 को भागलपुर में हुई प्रधानमंत्री की रैली के पूर्व भी मंटू चौधरी को उलझाने के लिए उसके नाम का एक वॉट्सएप मैसेज बनाकर डाला था। जिसमें कहा था कि प्रधानमंत्री की रैली में मंटू चौधरी और राजीव रंजन चौधरी ने हवाई हड्डे में बम प्लांट कर रखा है। इनके पिता फ्रीडम फाइटर हैं।
महेशी गांव के शांति निकेतन में रहते हैं। तब एसएसपी के निर्देश पर सुल्तानगंज की पुलिस ने मंटू और राजीव रंजन चौधरी से पूछताछ की थी लेकिन मामले में किसी तरह की संलिप्तता नहीं पाई गई थी। जमीन संबंधी विवाद सामने आया था।
मंटू चौधरी ने पुलिस को पूछताछ में जानकारी दी कि समीर रंजन ने पूर्व में कहा था कि उसने कंप्यूटर की पढ़ाई की है। 29-30 मई को जेल भेजवा कर दम लेंगे।
बरामद मोबाइल की फिंगर प्रिंट आरोपित के निकले:
समीर रंजन के पास बरामद मोबाइल पर फिंगर प्रिंट की जांच में समीर के ही पाए गए। मोबाइल के खोले जाने पर पूर्व में भेजे गए दोनों वॉट्सएप मैसेज, फिंगर प्रिंट प्रोटेक्टेड दो वॉट्सएप मैसेज, स्क्रीन शाट वॉट्सएप मैसेज भी मिला है। पूछताछ में समीर ने स्वीकार किया है कि उसने यह मैसेज सेकेंड लाइन वीपीएन एप से नंबर लेकर वर्चुअल वॉट्सएप बनाकर भेजा था।
उस वर्चुअल नंबर की भी जानकारी इंटेलिजेंस टीम और सुल्तानगंज पुलिस को दी है। उसकी इच्छा थी कि रिश्ते में चाचा मंटू चौधरी को उक्त नंबरों से भेजे गए मैसेज के जरिये जेल भेजवा दे।
सुल्तानगंज थाने के इंस्पेक्टर थानाध्यक्ष मृत्यंजय कुमार के लिखित बयान पर सुल्तानगंज थाने में समीर रंजन के विरुद्ध केस दर्ज करते हुए शुक्रवार को उसे कड़ी सुरक्षा घेरे में न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मालूम हो कि इंटेलिजेंस अधिकारियों की सूचना पर एसएसपी हृदय कांत ने गुरुवार की शाम सुल्तानगंज थानाक्षेत्र के महेशी गांव के कुमार शरद रंजन के 35 वर्षीय पुत्र समीर रंजन को गिरफ्तार कराया था।


