Monday, October 12, 2026

घर बनाना होगा महंगा! सीमेंट की कीमतों में ₹15 प्रति बोरी तक बढ़ोतरी की संभावना.

Share

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर 2026: अगर आप घर बनवाने या निर्माण कार्य शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए सीमेंट की कीमतों से जुड़ी यह खबर महत्वपूर्ण है। लागत में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण सीमेंट कंपनियां कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। एमके रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर के मध्य से सीमेंट की कीमतों में 10 से 15 रुपये प्रति बोरी तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

रिपोर्ट में कीमतें बढ़ने की आशंका के पीछे ईंधन, कच्चे माल और पैकेजिंग की बढ़ती लागत को प्रमुख वजह बताया गया है। दूसरी ओर, निर्माण गतिविधियों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के कारण सीमेंट की मांग मजबूत बने रहने का अनुमान है।

हालांकि, प्रस्तावित मूल्यवृद्धि कितनी होगी और अलग-अलग क्षेत्रों में सीमेंट के दाम किस स्तर पर पहुंचेंगे, यह कंपनियों के फैसले और स्थानीय बाजार पर निर्भर करेगा।

सीमेंट की कीमतों में क्यों हो सकती है बढ़ोतरी?

सीमेंट उद्योग पिछले कई महीनों से बढ़ती उत्पादन लागत का सामना कर रहा है। सीमेंट बनाने में इस्तेमाल होने वाले ईंधन और अन्य कच्चे माल की कीमतों में तेजी से कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।

एमके रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों ने इससे पहले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भी सीमेंट की कीमतें 10 से 15 रुपये प्रति बोरी बढ़ाई थीं। हालांकि, बिजली और ईंधन की बढ़ती लागत की भरपाई के लिए यह बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं रही।

इसके बाद जुलाई और अगस्त 2026 के मानसून सीजन में कीमतों में फिर गिरावट आई। इससे कंपनियों के लिए बढ़ी हुई उत्पादन लागत का असर संभालना और मुश्किल हो गया।

अब निर्माण गतिविधियों में तेजी की उम्मीद के बीच कंपनियां कीमतों में दोबारा बढ़ोतरी करने की कोशिश कर सकती हैं।

ईंधन और पैकेजिंग की बढ़ती लागत से कंपनियां परेशान

सीमेंट उत्पादन में ईंधन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले छह से सात महीनों से ईंधन की ऊंची कीमतें कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।

रिपोर्ट में बताई गई लागत से जुड़ी प्रमुख जानकारियां इस प्रकार हैं:

लागत का घटकरिपोर्ट में बताई गई कीमत या स्थिति
पेटकोकलगभग 175 डॉलर प्रति टन
आयातित कोयलालगभग 150 डॉलर प्रति टन
पॉलिप्रोपाइलीन ग्रेन्युल135 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक
अतिरिक्त लागत का अनुमान300 से 400 रुपये प्रति टन

रिपोर्ट के अनुसार, पेटकोक की कीमत दूसरी तिमाही के औसत से लगभग 20 प्रतिशत और आयातित कोयले की कीमत लगभग 16 प्रतिशत अधिक बताई गई है।

इसके अलावा, सीमेंट की बोरियों की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले पॉलिप्रोपाइलीन ग्रेन्युल की कीमतों में भी तेजी आई है। इन सभी कारकों के कारण कंपनियों की उत्पादन और पैकेजिंग लागत बढ़ रही है।

घर बनाने वालों पर क्या पड़ेगा असर?

सीमेंट की कीमतों में बढ़ोतरी का असर मकान बनवाने वाले लोगों के बजट पर पड़ सकता है। खासकर उन परिवारों को अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ सकता है, जिनके घर का निर्माण अभी शुरू होना है या जिनका काम चल रहा है।

यदि सीमेंट की कीमत में प्रति बोरी 10 से 15 रुपये की बढ़ोतरी होती है, तो कुल खर्च निर्माण में इस्तेमाल होने वाली बोरियों की संख्या पर निर्भर करेगा।

उदाहरण के तौर पर:

सीमेंट की कुल बोरियां10 रुपये प्रति बोरी बढ़ने पर अतिरिक्त खर्च15 रुपये प्रति बोरी बढ़ने पर अतिरिक्त खर्च
1001,000 रुपये1,500 रुपये
5005,000 रुपये7,500 रुपये
1,00010,000 रुपये15,000 रुपये

यह गणना केवल संभावित मूल्यवृद्धि के आधार पर है। वास्तविक खर्च सीमेंट की खरीद मात्रा और स्थानीय बाजार में लागू कीमतों पर निर्भर करेगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से सीमेंट की मांग मजबूत

उत्पादन लागत बढ़ने के बावजूद सीमेंट की मांग को लेकर उद्योग का अनुमान सकारात्मक है। एमके रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और निर्माण गतिविधियों के कारण बाजार में मांग मजबूत रह सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में सीमेंट की मांग में सालाना आधार पर 7 से 8 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। इसमें नॉन-ट्रेड सेगमेंट यानी संस्थागत और बड़े निर्माण कार्यों से जुड़ी मांग की महत्वपूर्ण भूमिका रहने का अनुमान है।

आने वाले समय में निर्माण के व्यस्त सीजन और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की गतिविधियां भी सीमेंट की खपत को समर्थन दे सकती हैं।

अगले कुछ वर्षों में मांग बढ़ने का अनुमान

एमके रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, अगले 18 महीनों तक सीमेंट की मांग मजबूत रह सकती है। रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2026 से 2028 के बीच सीमेंट की कुल मांग में लगभग 7 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) का अनुमान भी जताया गया है।

रिपोर्ट में बुनियादी ढांचा गतिविधियों और चुनाव से पहले निर्माण कार्यों में संभावित तेजी को मांग बढ़ने के कारकों में शामिल किया गया है। हालांकि, वास्तविक मांग आर्थिक परिस्थितियों, सरकारी खर्च और निर्माण क्षेत्र की गतिविधियों पर निर्भर करेगी।

क्या अभी सीमेंट खरीदना फायदेमंद होगा?

सीमेंट खरीदने की योजना बना रहे लोगों को सबसे पहले अपने निर्माण कार्य की जरूरत और स्थानीय बाजार में उपलब्ध कीमतों की तुलना करनी चाहिए। केवल संभावित मूल्यवृद्धि की खबर के आधार पर जरूरत से ज्यादा सीमेंट खरीदना उचित नहीं होगा, क्योंकि इसके भंडारण के लिए सूखी और सुरक्षित जगह की जरूरत होती है।

घर बनाने वालों के लिए बेहतर होगा कि वे निर्माण सामग्री की खरीद का हिसाब पहले से तैयार करें और अलग-अलग विक्रेताओं से कीमतों की जानकारी लें। साथ ही, सीमेंट की गुणवत्ता, निर्माण की जरूरत और भंडारण की स्थिति को भी ध्यान में रखें।

निष्कर्ष: लागत बढ़ने से महंगा हो सकता है निर्माण

सीमेंट उद्योग में ईंधन, कच्चे माल और पैकेजिंग की लागत बढ़ने के कारण कीमतों में एक बार फिर तेजी आने की संभावना जताई गई है। एमके रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर के मध्य से सीमेंट 10 से 15 रुपये प्रति बोरी तक महंगा हो सकता है।

यदि कंपनियां कीमतें बढ़ाती हैं, तो इसका असर घर बनाने वाले लोगों और निर्माण परियोजनाओं के बजट पर पड़ सकता है। हालांकि, अंतिम कीमतों की पुष्टि कंपनियों की आधिकारिक घोषणाओं और स्थानीय बाजार के भाव से ही होगी।

BHARAT SUPERFAST NEWS

Read more

Local News