गोपालगंज, 5 नवंबर 2026: बिहार के गोपालगंज जिले के एक किसान परिवार के बेटे मयंक कुमार ने अपनी मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कुचायकोट प्रखंड के धरमपुर गांव निवासी मयंक महज 23 वर्ष की उम्र में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) से जुड़कर वैज्ञानिक बने हैं। उनकी सफलता से परिवार के साथ पूरे गांव और इलाके में खुशी का माहौल है।
बताया गया है कि मयंक ने भारतीय अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान-2026 में 20वीं रैंक हासिल की। एक साधारण किसान परिवार से निकलकर अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र तक पहुंचने का उनका सफर क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहा है।
किसान पिता और गृहिणी मां के बेटे हैं मयंक
मयंक के पिता आशुतोष राय किसान हैं और खेती-किसानी के जरिए परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी मां सुधा कुमारी गृहिणी हैं। मयंक के दादा स्वर्गीय सुरेंद्र नाथ राय थे।
साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद मयंक ने पढ़ाई को अपनी प्राथमिकता बनाया और लगातार मेहनत करते हुए सफलता की राह तय की।
पटना के DAV स्कूल से BHU तक की पढ़ाई
मयंक ने पटना के डीएवी स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से उच्च शिक्षा हासिल की।
पढ़ाई के दौरान उन्होंने ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) परीक्षा में भी बेहतर प्रदर्शन किया और 57वीं रैंक प्राप्त की। इसके बाद लगातार मेहनत और शैक्षणिक उपलब्धियों के दम पर उन्होंने ISRO से जुड़ने का मुकाम हासिल किया।
गांव के युवाओं के लिए बने प्रेरणा
मयंक की उपलब्धि से धरमपुर गांव सहित पूरे गोपालगंज जिले में गर्व और उत्साह का माहौल है। महज 23 वर्ष की उम्र में अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन से जुड़ना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है।
उनकी सफलता यह संदेश देती है कि मजबूत इच्छाशक्ति, निरंतर मेहनत और पढ़ाई के प्रति समर्पण से छोटे गांवों के युवा भी बड़े लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। मयंक की उपलब्धि से क्षेत्र के दूसरे युवाओं को भी शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
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