पटना: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को आधुनिक बनाने और शिक्षकों को डिजिटल तकनीक से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए शिक्षा विभाग ने गूगल एजुकेशन समेत आईटी क्षेत्र की 11 कंपनियों के साथ करार किया है। इस पहल के तहत शिक्षकों को सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों की तकनीकी क्षमता बढ़ाना और कक्षा में डिजिटल साधनों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना है। प्रशिक्षण की व्यवस्था के लिए केंद्र सरकार के कौशल विकास विभाग से भी सहयोग लिए जाने की जानकारी दी गई है।
सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से कंप्यूटर की पढ़ाई की तैयारी
बिहार शिक्षा विभाग ने अगले शैक्षणिक सत्र से सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से कंप्यूटर की पढ़ाई अनिवार्य करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर से ही कंप्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी की जानकारी देने पर जोर रहेगा।
कंप्यूटर शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित करना भी जरूरी माना जा रहा है। इसी दिशा में आईटी कंपनियों के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है।
700 मॉडल स्कूलों में बनेंगी स्मार्ट क्लास
राज्य के स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत सुविधाएं विकसित करने की योजना भी है। इसके तहत 700 मॉडल स्कूलों में स्मार्ट क्लास तैयार की जानी हैं।
मॉडल स्कूलों के अलावा दूसरे सरकारी विद्यालयों में भी चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट क्लास बनाने की योजना है। इससे विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यमों से पढ़ाई करने का अवसर मिल सकेगा।
हालांकि, स्मार्ट क्लास के निर्माण और अन्य तकनीकी सुविधाओं को विकसित करने का काम तय योजना के अनुसार अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ाया जाएगा।
SCERT परिसर में होगी शिक्षकों की ट्रेनिंग
शिक्षा विभाग के अनुसार, शिक्षकों को IT और AI का प्रशिक्षण देने के लिए केंद्रीकृत व्यवस्था तैयार की जा रही है। इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) परिसर में प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने की योजना है।
करार करने वाली कंपनियां अलग-अलग बैच में शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगी। संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के माध्यम से शिक्षकों के नाम भेजे जाने की व्यवस्था बताई गई है।
प्रशिक्षण में केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि कंप्यूटर और तकनीक से जुड़ा व्यावहारिक अभ्यास भी शामिल होगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जनवरी तक प्रशिक्षण व्यवस्था को दुरुस्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
AI ट्रेनिंग पर रहेगा विशेष जोर
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के अनुसार, शिक्षकों के प्रशिक्षण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार करना और शिक्षकों को नई तकनीकों के उपयोग के लिए तैयार करना है।
AI और IT की जानकारी मिलने से शिक्षकों को डिजिटल शिक्षण सामग्री तथा तकनीकी उपकरणों के इस्तेमाल में मदद मिल सकती है। हालांकि, प्रशिक्षण के अंतिम स्वरूप और अलग-अलग कंपनियों की जिम्मेदारियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार स्पष्ट होगी।
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