Wednesday, September 16, 2026

गुमला बायोडायवर्सिटी पार्क में विकसित होगा नक्षत्र वन, डीसी ने पौधों का किया निरीक्षण.

Share

गुमला। जिले में लोगों को प्रकृति और वन संपदा से जोड़ने की पहल के तहत बायोडायवर्सिटी पार्क में नक्षत्र वन विकसित किया जा रहा है। बुधवार को उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने पार्क का निरीक्षण कर यहां लगाए जा रहे औषधीय पौधों की जानकारी ली। इस दौरान जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी अहमद बेलाल अनवर भी मौजूद रहे।

औषधीय पौधों की प्रजातियों का लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने नक्षत्र वन के लिए चिह्नित और लगाए जा रहे विभिन्न औषधीय पौधों को देखा। उन्होंने पौधों के संरक्षण, रखरखाव और उनके उपयोग से जुड़ी जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

80 से अधिक प्रजातियों की दी गई जानकारी

औषधीय पौधों के विशेषज्ञ डॉ. सत्यनारायण सिंह के सहयोग से वन विभाग पार्क में अलग-अलग प्रजातियों के पौधे विकसित कर रहा है। डॉ. सिंह ने उपायुक्त और डीएफओ को 80 से अधिक औषधीय एवं उपयोगी पौधों के बारे में जानकारी दी।

इनमें करंज, घृतकुमारी (एलोवेरा), बबूल, अंजीर, हरड़, बहेड़ा, खजूर, इमली, ताड़, धतूरा, सेमल, करोंदा, पपीता, नाशपाती, शहतूत, कनेर, फालसा, तेंदू, चिरौंजी, अडूसा समेत कई अन्य प्रजातियां शामिल हैं।

औषधीय उत्पादों की भी दी गई जानकारी

डॉ. सत्यनारायण सिंह ने पौधों से तैयार किए जाने वाले विभिन्न उत्पादों के बारे में भी अधिकारियों को जानकारी दी। उन्होंने औषधीय उत्पाद, सीरप, जूस और तेल के नमूने दिखाते हुए उनके उपयोग और संभावित लाभों के बारे में बताया।

प्रकृति से जुड़ाव बढ़ाने पर जोर

बायोडायवर्सिटी पार्क में विकसित किए जा रहे नक्षत्र वन का उद्देश्य लोगों को स्थानीय वनस्पतियों और औषधीय पौधों के प्रति जागरूक करना है। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने इस पहल की सराहना की और पार्क में पौधों के संरक्षण के साथ-साथ उनके बारे में आम लोगों को जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

Read more

Local News