गिरिडीह: जिले में बालू की तस्करी कोई नई बात नहीं है. यहां लगभग हर थाना क्षेत्र में एक समान ही स्थिति है. बालू घाटों की नीलामी नहीं होने के कारण इसका अवैध उठाव विभिन्न घाटों से होता रहता है. चूंकि निगरानी वाला कोई नहीं है, ऐसे में तस्कर जहां-तहां से बालू उठा रहे हैं. तस्करी में शामिल लोग पुल के खंभे को भी नहीं छोड़ रहे हैं. तस्कर, खंभे के नीचे से भी बालू उठाने का काम कर रहे हैं.
बालू तस्कर के आंतक की वजह से गिरिडीह जिला मुख्यालय और शहर से सटे उदनाबाद से गांडेय, जामताड़ा को जाने वाली उसरी नदी का पुल क्षतिग्रस्त हो गया है.
तस्करों ने चेतावनी बोर्ड को किया किनारे
लोगों का आरोप है कि पुल क्षतिग्रस्त के बाद से ही जिला प्रशासन ने यहां एहतियातन चेतावनी बोर्ड लगा दिया था. हालांकि इस बोर्ड को भी तोड़ दिया गया है. बोर्ड तोड़ने का काम बालू एवं पत्थर की तस्करी में शामिल वाहन चालकों द्वारा किया गया है. वहीं इसे लेकर स्थानीय लोग आक्रोशित हैं. लोगों ने न सिर्फ चेतावनी बोर्ड फिर से लगाने की मांग की है बल्कि पुल की दोनों तरफ लोहे की एंगल लगाने की अपील जिला प्रशासन से की है.

मांग करने वालों में पूर्व सांसद प्रतिनिधि सह समाजसेवी दिलीप उपाध्याय, बीजेपी नेता दीपक पंडित, उप मुखिया जगदीश वर्मा, पूर्व मुखिया प्रतिनिधि उपेंद्र वर्मा, वार्ड पार्षद सहदेव वर्मा, महावीर वर्मा, पप्पू वर्मा, दिलीप मरिक समेत कई लोग शामिल हैं. इन सभी का कहना है कि पुल क्षतिग्रस्त की वजह से सदर एसडीएम ने चेतावनी बोर्ड लगाया था, लेकिन तस्करों ने उसे भी उखाड़ फेंका.

दो दशक पहले हुआ था पुल का निर्माण
समाजसेवी दिलीप उपाध्याय कहते हैं कि पुल 2001-02 में बना था. इस पुल के खंभे के नीचे से लगातार बालू का उठाव हुआ तो पुल क्षतिग्रस्त हो गया. उन्होंने फिर से पुल को दुरुस्त करने की मांग की है. ताकि गांडेय- जामताड़ा जाने में लोगों को सहूलियत मिल सके. दिलीप उपाध्याय बताते हैं कि अभी भी पुल के खंभे के नीचे से बालू का उठाव निरंतर जारी है. सुबह से रात तक बालू का उठाव होता रहता है, लेकिन अब इस अवैध कार्य पर रोक लगनी चाहिए.
जनप्रतिनिधियों को करना होगा हस्तक्षेप
बरहागढ़ी में स्थित पुल गिरिडीह और गांडेय विधानसभा को जोड़ने का काम करता है. चूंकि गिरिडीह विधायक और मंत्री सुदिव्य कुमार हैं तो वहीं गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन हैं. ऐसे में स्थानीय लोग कहते हैं कि दोनों विधायक इस मामले को देखें तो निश्चित तौर पर पुल की न सिर्फ मरम्मत होगी बल्कि अवैध कार्य पर रोक भी लगेगी.
एसडीएम की जांच के बाद शुरू हुआ बेरीकेट लगाने का काम
इधर, इस मामले को सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्रीकांत विस्पुते ने गंभीरता से लिया है. रविवार को एसडीएम के साथ खनन विभाग के पदाधिकारी, मुफ्फसिल थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर श्याम किशोर महतो, गांडेय थाना प्रभारी के साथ कई पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थल की जांच की. यहां पुल की दोनों तरफ फिर से बैरिकेट लगाने का काम शुरू किया गया है.
इस दौरान एसडीएम ने सभी को निर्देश दिए हैं कि बैरिकेट तोड़ने काम जिसके द्वारा भी किया जाएगा, उसे चिन्हित करने का काम करें. इसके साथ ही अवैध कार्य में शामिल लोगों पर भी कार्रवाई की जाए.
पुल के एक तरफ बैरिकेट लगा दिया गया है जबकि दूसरी तरफ भी बैरिकेट लगाने का काम एक दो दिन में पूरा कर लिया जाएगा. इसके अलावा अवैध कार्य में शामिल लोगों को भी चिन्हित किया जा रहा है: – श्याम किशोर महतो, थाना प्रभारी, मुफ्फसिल


