गढ़वा में फायरिंग मामले का पुलिस ने उद्भेदन किया है. पुलिस ने मामले में दो अपराधियों को धर दबोचा है.
गढ़वाः जिले के चिनियां थाना क्षेत्र में 7 मार्च 2025 को हुए गोलीकांड का गढ़वा पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस ने मामले में दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है. इसकी पुष्टि एसपी दीपक कुमार पांडे ने की है. उन्होंने बताया कि मनरेगा योजना से जुड़े विवाद में घटना को अंजाम दिया गया था.
कैसे हुआ हमला?
एसपी से मिली जानकारी के अनुसार 7 मार्च को करीब 3:30 बजे सिगसिगाखुर्द गांव निवासी योगेंद्र प्रसाद तहले घाटी के पास थे. इसी क्रम में बाइक सवार दो अपराधियों ने उनपर गोली चला दी. हालांकि योगेंद्र प्रसाद वहां से किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहा, लेकिन योगेंद्र के गर्दन में गोली फंस गई थी. चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर गोली उनके गर्दन से निकाली थी. इलाज के बाद उनकी जान बच पाई..
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हमले की वजह
योगेंद्र प्रसाद और पंचायत उप मुखिया के पति मंदीप यादव के बीच मनरेगा से जुड़े विवाद लंबे समय से चल रहा था. योगेंद्र ने कई योजनाओं का विरोध किया था. जिससे मंदीप यादव और उसके साथियों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ था. इसी रंजिश में मंदीप यादव ने जेल जाने से पहले अपने सहयोगी नितेश सिंह और अमित कुमार सिंह उर्फ बबलू सिंह के साथ मिलकर योगेंद्र की हत्या की साजिश रची थी.
प्लानिंग और हमला
नितेश सिंह और बबलू सिंह सफेद बाइक से तहले घाटी पहुंचे थे. योगेंद्र के वहां पहुंचते ही दोनों ने उनका पीछा करना शुरू किया. इस क्रम में बबलू सिंह ने देसी कट्टे से उनपर गोली चला दी. जिसमें योगेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया था.
पुलिस की कार्रवाई
गढ़वा पुलिस ने अनुसंधान और छापेमारी के बाद मुख्य आरोपी गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों में गढ़वा जिले के मंझियांव थाना क्षेत्र के ग्राम करूई निवासी अमित कुमार सिंह उर्फ बबलू सिंह और पलामू जिले के पिपराटांड़ थाना क्षेत्र के ग्राम गोंगो निवासी नितेश कुमार सिंह उर्फ नीतु सिंह शामिल हैं. पुलिस अन्य अपराधियों की भी तलाश कर रही है.
बरामद सामान
पुलिस ने अपराधियों के पास से एक देसी कट्टा, 0.315 बोर की एक जिंदा गोली, घटना में प्रयुक्त बाइक (नंबर-JH-14H-0366), दो मोबाइल फोन, अपराधियों द्वारा घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद किए हैं.
पुलिस टीम में ये थे शामिल
छापेमारी दल का नेतृत्व रंका एसडीपीओ रोहित रंजन सिंह ने किया. टीम में चिनियां थाना प्रभारी अमित कुमार समेत कई पुलिस अधिकारियों और जवानों की अहम भूमिका रही.


