Thursday, July 2, 2026

 गंगा स्नान के दौरान 3 बच्चे डूबे, बच्ची की मौत

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मृतका नगर परिषद, महनार के वार्ड छह लाहौरी चक निवासी 12 वर्षीय लक्ष्मी कुमारी थी

महनार. जीतिया पर मां के साथ गयी 12 वर्षीय बच्ची की स्नान के दौरान गंगा नदी में डूबने से मौत हो गयी. डूबने के बाद लोगों की मदद से शव को पानी से निकाल लिया गया. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मृतका नगर परिषद, महनार के वार्ड छह लाहौरी चक निवासी 12 वर्षीय लक्ष्मी कुमारी थी.लक्ष्मी की मां महली देवी व दादी गंगा स्नान के लिए लाहौरी चक घाट पर गयी थी. लक्ष्मी और अन्य बच्चे भी उनके साथ गंगा नदी में चले गये. इसी दौरान नहाने के क्रम में तीन बच्चे गंगा नदी में डूबने लगे. दो को बचा लिया गया, लेकिन लक्ष्मी कुमारी डूब गयी, जिससे उसकी मौत हो गयी. घटना के बाद शोर मचाने पर आसपास के लोग इकट्ठा हुए और शव की तलाश शुरू की. काफी मशक्कत के बाद उसके शव को गंगा नदी से निकाला गया. इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां जांच के बाद डाक्टर ने लक्ष्मी कुमारी को मृत घोषित कर दिया. महनार थाना अध्यक्ष वेदानंद सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

बताया गया कि लक्ष्मी चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी. वह सहदेई बुजुर्ग प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय मुरौवतपुर तहसील कचहरी में सातवीं में पढ़ती थी. उसके पिता मंजय लाल राय की कुछ वर्ष पहले हसनपुर पंजा चौक पर गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी.

प्रशासन की लापरवाही पर गहरा आक्रोश

घटना ने स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी और आक्रोश पैदा कर दिया है. उनका कहना है कि जीवित पुत्रिका व्रत के अवसर पर सैकड़ों महिलाएं और बच्चे विभिन्न घाटों पर स्नान के लिए पहुंचते हैं, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होना और गोताखोर या एसडीआरएफ की तैनाती न होना गंभीर सवाल खड़े करता है. लोग प्रशासन से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं. घटना को लेकर सीओ प्रदीप कुमार ने बताया कि जिस घाट पर घटना हुई वह प्रशासन की ओर से चिह्नित घाट नहीं है. प्रशासन की ओर से चिह्नित घाटों पर एसडीआरएफ और गोताखोरों की तैनाती की गयी थी.

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