Bihar Politics: बिहार की राजनीति में नीलम देवी एक बार फिर चर्चा में हैं। मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी फरवरी 2024 में नीतीश कुमार की NDA सरकार के फ्लोर टेस्ट के दौरान अपने राजनीतिक रुख को लेकर सुर्खियों में आई थीं। उस समय वह राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की विधायक थीं, लेकिन उन्होंने विधानसभा में NDA सरकार के समर्थन में मतदान किया था। अब जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
JDU ने अनंत सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए उन्हें छह साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया है। पार्टी की ओर से दोनों नेताओं पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। इस फैसले के बाद नीलम देवी की राजनीतिक पृष्ठभूमि और 2024 के फ्लोर टेस्ट के दौरान उनकी भूमिका फिर चर्चा में आ गई है।
फरवरी 2024 में क्यों चर्चा में आई थीं नीलम देवी?
फरवरी 2024 में बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ था। नीतीश कुमार महागठबंधन से अलग होकर NDA में शामिल हो गए थे और राज्य में नई सरकार बनी थी। 12 फरवरी 2024 को विधानसभा में नीतीश सरकार को बहुमत साबित करना था।
फ्लोर टेस्ट के दौरान RJD के तीन विधायकों ने पार्टी के रुख से अलग जाकर NDA सरकार के समर्थन में मतदान किया था। इनमें तत्कालीन मोकामा विधायक नीलम देवी के अलावा चेतन आनंद और प्रह्लाद यादव शामिल थे।
इन विधायकों के मतदान ने उस समय राजनीतिक चर्चा को तेज कर दिया था। नीलम देवी के इस कदम को क्रॉस वोटिंग के तौर पर देखा गया, क्योंकि वह RJD के टिकट पर विधानसभा पहुंची थीं, जबकि फ्लोर टेस्ट में उन्होंने NDA सरकार का समर्थन किया।
RJD के टिकट पर बनी थीं मोकामा की विधायक
नीलम देवी की पहचान बिहार के चर्चित नेता अनंत सिंह की पत्नी के रूप में भी रही है। साल 2022 में मोकामा विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ था। इस चुनाव में नीलम देवी ने RJD के टिकट पर उम्मीदवार के तौर पर हिस्सा लिया और जीत हासिल कर विधानसभा पहुंचीं।
अनंत सिंह को AK-47 से जुड़े मामले में सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी। इसके बाद मोकामा सीट पर उपचुनाव कराया गया, जिसमें नीलम देवी को जीत मिली।
इस तरह नीलम देवी ने अपने राजनीतिक सफर में मोकामा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि, फरवरी 2024 के फ्लोर टेस्ट में NDA सरकार का समर्थन करने के फैसले ने उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर नई बहस छेड़ दी थी।
JDU ने नीलम देवी और अनंत सिंह पर क्यों की कार्रवाई?
JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, नीलम देवी और अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है। पार्टी ने दोनों के खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है।
खबर के मुताबिक, अनंत सिंह पर बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान JDU उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार करने और जन सुराज के प्रत्याशी का समर्थन करने का आरोप लगाया गया। उन पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप भी है।
वहीं, नीलम देवी को भी दलविरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित किया गया है। हालांकि, निष्कासन का आदेश पार्टी का संगठनात्मक फैसला है। इसे अपने आप विधानसभा की सदस्यता समाप्त होने के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।
अनंत सिंह की राजनीति में भी आए कई मोड़
अनंत सिंह बिहार की राजनीति में लंबे समय से चर्चित रहे हैं। AK-47 मामले में सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता चली गई थी। इसके बाद उनकी पत्नी नीलम देवी ने 2022 के उपचुनाव में RJD के टिकट पर जीत दर्ज की।
बाद में अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से राहत मिली और उनकी सजा रद्द होने के बाद उनकी राजनीतिक राह फिर खुली। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने JDU के टिकट पर मोकामा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
अब JDU से छह साल के निष्कासन के बाद अनंत सिंह और नीलम देवी दोनों की राजनीतिक स्थिति फिर चर्चा में है। नीलम देवी के मामले में फरवरी 2024 का फ्लोर टेस्ट एक अहम राजनीतिक घटना के रूप में याद किया जा रहा है, जब RJD की विधायक रहते हुए उन्होंने NDA सरकार के पक्ष में मतदान किया था।
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