चॉकलेट ट्रॉपिकल थियोब्रोमा कोको पेड़ के बीजों से बनती है. इसका पहली बार इस्तेमाल लगभग 400 AD में हुआ था. अमेरिका की खोज के बाद, चॉकलेट दुनिया भर में बहुत पॉपुलर हो गई, और इसकी डिमांड तेजी से बढ़ी. अपने अनोखे, रिच और मीठे स्वाद की वजह से, चॉकलेट एक पॉपुलर फूड प्रोडक्ट बन गया है जिसका मजा हर दिन लाखों लोग लेते हैं. इस खबर में, हम चॉकलेट खाने के हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में विस्तार से जानेंगे…
लोग अक्सर चॉकलेट में ज्यादा फैट और शुगर होने की वजह से इसे खाने से हिचकिचाते हैं. आम तौर पर माना जाता है कि इसे खाने से कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम होने का खतरा रहता है, जैसे मुंहासे, मोटापा और भी बहुत कुछ. हालांकि, चॉकलेट के गुणों और कंपाउंड्स पर हुई रिसर्च से पता चलता है कि इसे खाना नुकसानदायक नहीं है. शोध से पता चलता है कि सही मात्रा में (विशेष रूप से डार्क चॉकलेट) खाने से शरीर को कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं, जैसे कि…

ब्लड प्रेशर कम करने में मदद करता है – कोको में फ्लेवेनॉल्स नाम के कंपाउंड होते हैं जो ब्लड प्रेशर कम करने वाली दवाओं (ACE इनहिबिटर्स) की तरह काम करते हैं. फ्लेवेनॉल्स शरीर को खून में नाइट्रिक ऑक्साइड बनाने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे ब्लड वेसल्स (रक्त वाहिकाएं) फैलती हैं. ऑस्ट्रेलियाई रिसर्चर्स और कोचरन सिस्टमैटिक रिव्यू की स्टडीज के अनुसार, कोको या डार्क चॉकलेट में पाए जाने वाले फ्लेवेनॉइड्स ब्लड वेसल्स को आराम पहुंचाते हैं, जिससे सिस्टोलिक (जब दिल खून पंप करता है) और डायस्टोलिक (जब दिल खून से भरता है) दोनों तरह का ब्लड प्रेशर कम होता है. हालांकि, जिन लोगों ने बहुत ज्यादा मात्रा में इसका सेवन किया, उनमें से लगभग 1 फीसदी लोगों में पेट दर्द जैसी हल्की समस्याएं देखी गईं.

लिवर को नुकसान से बचाता है – कोको या डार्क चॉकलेट में पाए जाने वाले फ्लेवोनॉयड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स लिवर सेल्स को सूजन और टॉक्सिन से होने वाले नुकसान से बचाते हैं. ये लिवर में फैट जमा होने को कम करने और लिवर की सेहत को बेहतर बनाने में मदद करते हैं (खासकर फैटी लिवर के मामलों में).
गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में मदद करता है – क्लीवलैंड क्लिनिक अनुसार, कोको में पॉलीफेनोल्स नाम के केमिकल होते हैं, रजिस्टर्ड न्यूट्रिशनिस्ट गेनर बसल के अनुसार, ज्यादा पॉलीफेनोल वाली चॉकलेट (जैसे डार्क चॉकलेट) खाने से ‘अच्छे’ कोलेस्ट्रॉल का लेवल बेहतर हो सकता है.
हार्ट हेल्थ को हेल्दी रखने में सहायक – BMJ में प्रकाशित शोध से पता चलता है कि ब्लड सर्कुलेशन सिस्टम पर चॉकलेट के सभी असर (जैसे ब्लड प्रेशर कम करना, रक्त वाहिकाओं को खोलना और सूजन कम करना) हमारे दिल को स्वस्थ रखने और दिल की बीमारी व स्ट्रोक से बचाने में मदद कर सकते हैं. 1,14,000 से ज्यादा लोगों पर की गई स्टडीज की समीक्षा से पता चला है कि जो लोग सबसे ज्यादा चॉकलेट खाते थे, उनमें कोरोनरी हार्ट डिजीज होने की संभावना 37 फीसदी कम थी और स्ट्रोक होने की संभावना 29 फीसदी कम थी, उन लोगों की तुलना में जो सबसे कम चॉकलेट खाते थे.
यह दिमाग की पावर बढ़ाता है – असल में, जर्नल ऑफ साइकोफार्माकोलॉजी में छपी रिसर्च इस बात को कन्फर्म करती है कि डार्क चॉकलेट में पाए जाने वाले फ्लेवनॉल्स दिमाग में ब्लड फ्लो बढ़ाते हैं, जिससे एंडोर्फिन और सेरोटोनिन जैसे फील-गुड केमिकल्स निकलते हैं, जो सैटिस्फैक्शन और मेंटल वेल-बीइंग की भावना को बढ़ावा देते हैं. कोको में फ्लेवनॉल्स और पॉलीफेनॉल्स नाम के पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, दिमाग में ब्लड फ्लो को बढ़ाकर, वे कॉग्निटिव फंक्शन, अटेंशन और मेमोरी को बेहतर बनाते हैं. ये कंपाउंड्स मेमोरी के लिए जिम्मेदार न्यूरॉन्स की भी रक्षा करते हैं.
वजन घटाने में मददगार – 1,000 से ज्यादा लोगों पर की गई स्टडीज के अनुसार, जो लोग नियमित रूप से चॉकलेट खाते हैं, उनका बॉडी मास इंडेक्स (BMI) आम तौर पर कम होता है और उन्हें दिल की बीमारी का खतरा भी कम होता है. कोको में पाए जाने वाले फ्लेवेनॉल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने और वजन को कंट्रोल करने में मदद करते हैं.

ब्लड वेसल को बेहतर बनाता है – रोज थोड़ी मात्रा में चॉकलेट खाने से आपकी आर्टरीज की हेल्थ बेहतर हो सकती है. ‘फेडरेशन ऑफ अमेरिकन सोसाइटीज फॉर एक्सपेरिमेंटल बायोलॉजी’ की एक स्टडी में पाया गया कि जो पुरुष रोज 70 ग्राम डार्क चॉकलेट खाते थे, उनकी ब्लड वेसल ज्यादा हेल्दी थीं. डार्क चॉकलेट आर्टरी की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने और व्हाइट ब्लड सेल्स की चिपचिपाहट कम करने में मदद करती है, दोनों ही फैक्टर आर्टरी में ब्लॉकेज का खतरा कम करने में मदद करते हैं.
आपकी स्किन को प्रोटेक्ट करता है – हालांकि चॉकलेट को अक्सर स्किन की हेल्थ के लिए नुकसानदायक माना जाता है, लेकिन रिसर्च से पता चलता है कि कोको में कुछ कंपाउंड असल में आपकी स्किन को सूरज की किरणों से बचाने में मदद कर सकते हैं. जर्नल न्यूट्रिशन में पब्लिश एक स्टडी में पाया गया कि जो लोग 12 हफ्तों तक रोज 20 ग्राम डार्क चॉकलेट खाते थे, वे रेगुलर चॉकलेट खाने वालों की तुलना में UV लैंप के संपर्क में दोगुना समय बिताने के बाद भी स्किन रेडनेस से बच पाए.


