Thursday, June 4, 2026

केंद्रीय फ़िल्म प्रमाणन बोर्ड और फिल्म प्रोड्यूसर पहलाज निहलानी का निधन हो गया है.

Share

फिल्म प्रोड्यूसर और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पूर्व चेयरमैन पहलाज निहलानी का निधन हो गया है. उन्होंने 76 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वह लिवर से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे थे और उन्हें मुंबई के नानावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां गुरुवार को उन्होंने अंतिम सांस ली.

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के चीफ अशोक पंडित ने इंस्टाग्राम पर निहलानी के निधन पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने लिखा, ‘आज सुबह दिल का दौरा पड़ने से, अनुभवी फिल्म निर्माता और इंडस्ट्री के एक बड़े लीडर, आदरणीय पहलाज निहलानी जी के निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ. वे ऐसे इंसान थे जो हमेशा इंडस्ट्री के हितों के लिए खड़े रहे और जिन्होंने कई हिट फिल्में बनाने में अहम भूमिका निभाई. यह इंडस्ट्री के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है. हम उन्हें और उनके जोशीले अंदाज को बहुत याद करेंगे. ॐ शांति.’

अशोक पंडित ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के पूर्व चेयरमैन पहलाज निहलानी के अंतिम संस्कार के बारे में भी जानकारी दी है. उन्होंने अपने पोस्ट के कैप्शन में आखिरी में वेन्यू और तारीख बारे में जानकारी देते हुए लिखा है, ‘कृपया ध्यान दें: अंतिम संस्कार आज 04.06.2026 को दोपहर 3 बजे, सांताक्रूज हिंदू श्मशान घाट पर होगा.’

निहलानी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एक जानी-मानी हस्ती थे. उन्होंने एक प्रोड्यूसर के तौर पर कई फिल्में सिनेमा को दी हैं. इन सालों में, उन्होंने कई बॉलीवुड फिल्मों को सपोर्ट किया, जिनमें ‘आंखें’, ‘अंदाज’, ‘तलाश’, ‘रंगीला राजा’ और ‘जूली 2’ शामिल हैं.

1982 में निहलानी ने अपनी पहली फिल्म बनाई थी, जिसका नाम था- हाथकड़ी. उनकी दूसरी फिल्म आंधी-तूफान थी, जो 1985 में रिलीज हुई थी. 1986 में तीसरी फिल्म इल्जाम रिलीज हुई. इस फिल्म में वह पहली बार गोविंदा के साथ काम किए थे. इसके बाद 1987 में गुनाहों का फैसला और 1988 में पाप की दुनिया जैसी फिल्म को उन्होंने प्रोड्यूस किया है.

उन्होंने शोला और शबनम, आंखें, आग ही आग, मिट्टी और सोना, आग का गोला, आंधियां, फर्स्ट लव लेटर, एक और फौलाद, दिल तेरा दीवाना, भाई भाई, उलझन, तलाश, खुशबू जैसी फिल्मों का भी निर्माण किया है.

फिल्म निर्माण के अलावा, निहलानी ने 2015 से 2017 तक सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के चेयरमैन के रूप में भी काम किया. उनके कार्यकाल ने लोगों का काफी ध्यान खींचा. उनके कई प्रमाणन फैसलों ने सेंसरशिप, रचनात्मक स्वतंत्रता और भारतीय सिनेमा में सेंसर बोर्ड की भूमिका को लेकर पूरे इंडस्ट्री में बहस छेड़ दी थी.

Read more

Local News