Tuesday, April 7, 2026

किसानों को कुशल बनाने के लिए कृषक पाठशाला बनाया गया है…

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गिरिडीहः वित्तीय वर्ष 2022-23 में फसल उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ाने एवं उन्नत कृषि प्रौद्योगिकी को प्रदर्शित करने के लिए कृषक पाठशाला बनाई गई. इसके तहत पाठशाला की परिधि में स्थित राजस्व ग्राम को बिरसा ग्राम में विकसित करने की भी योजना तैयार की गई. गिरिडीह में ऐसी तीन पाठशालाओं का गठन किया गया है.

योजना के तहत पाठशाला में आधुनिक खेती, मछली पालन, सूअर पालन, गाय पालन, मधुमक्खी पालन, मुर्गी पालन, फलदार उद्यान, अजोला खेती समेत अन्य महत्वपूर्ण ज्ञान किसानों को देना है. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. जिले के पचम्बा स्थित पाठशाला के नाम पर 01 करोड़ 17 लाख का भुगतान कर दिया गया. इसके बावजूद योजना धरातल पर नहीं उतरी. यहां एक भी किसान को किसी प्रकार से प्रशिक्षित नहीं किया गया. यहां नाम मात्र का शेड बना दिया गया परन्तु उसमें पशु है ही नहीं

कृषक पाठशाला में बरती जा रही अनियमितता की शिकायत जिला बीस सूत्री उपाध्यक्ष सह झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष संजय सिंह को मिली तो वह पाठशाला पहुंचे. यहां उन्होंने पूरी पाठशाला का निरीक्षण किया. पूरी योजना की जानकारी मौके पर मौजूद जिला कृषि पदाधिकारी आशुतोष कुमार से ली. वहीं मेसर्स शारदा एग्रो (कार्य एजेंसी) के कर्मियों को भी बुलाया. यहां गड़बड़ी मिलने पर कृषि पदाधिकारी को स्पष्ट कहा कि न सिर्फ भुगतान की गई राशि को वसूला जाए बल्कि एजेंसी को ब्लैकलिस्ट भी किया जाए.

जांच के बाद जिला बीस सूत्री उपाध्यक्ष ने कहा कि एजेंसी की लापरवाही देखिए जिस जिला के विधायक मंत्री सुदिव्य कुमार हैं, जहां मुख्यमंत्री की पत्नी कल्पना सोरेन विधायक हैं, वहां गड़बड़ी कर दी गई. ऐसे में समझा जा सकता है कि कार्य एजेंसी ने अन्य जिलों में क्या किया होगा. उन्होंने कहा कि कृषक पाठशाला झारखंड सरकार की महत्वपूर्ण योजना है.

किसानों को उन्नत खेती का ज्ञान देने के किए इस पाठशाला को तैयार किया गया. किसान आर्थिक रूप से मजबूत हों इसके लिए उन्हें पशु, मुर्गी और मधुमक्खी पालन करने की शिक्षा देनी है, लेकिन यहां तो राशि ही हड़प ली गई है. कहा कि इस पाठशाला का जिम्मा शारदा एग्रो को मिला है जिसने सीधे तौर पर खानापूर्ति करते हुए सरकारी राशि की गड़बड़ी की है. ऐसे में इसके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है.

मौके पर मौजूद जिला कृषि पदाधिकारी आशुतोष कुमार ने बताया कि कार्य में सुधार करने को लेकर एजेंसी शारदा एग्रो को तीन बार शोकॉज नोटिज भेजा गया. इस बार भी अनियमितता की शिकायत मिलने पर विभाग ने एजेंसी को टर्मिनेट करने के लिए शो कॉज किया है. कहा कि आगे कार्रवाई तय है ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है.

क्या कहती है एजेंसी

दूसरी तरफ मौके पर मौजूद एजेंसी के कंसलटेंट शक्ति निशांत ने कहा कि पाठशाला के लिए सभी शेड का निर्माण किया गया था. लेकिन अप्रैल और मई में आयी आंधी ने शेड को क्षतिग्रस्त कर दिया जिसकी वजह से कार्य में व्यवधान आया है. आगे सब कुछ दुरुस्त किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि उन्हें 1.17 करोड़ मिला है.

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