किडनी शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग हैं जो अपशिष्ट पदार्थों को छानने, इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित करने और ब्लड प्रेशर और रेड ब्लड सेल्स के उत्पादन को कंट्रोल करने वाले हार्मोन का उत्पादन करने के लिए जिम्मेदार होते हैं. साथ ही, जब किडनी की कार्यक्षमता कम हो जाती है, तो सूक्ष्म लक्षण उभर सकते हैं. किडनी की कार्यक्षमता कम होने के छोटे लक्षणों में थकान, शरीर में सूजन (विशेषकर पैरों और चेहरे पर), पेशाब की मात्रा और रंग में बदलाव, खुजली, मतली, उल्टी, दुर्गंधयुक्त सासें, दिमागी धुंध और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी शामिल हो सकते हैं, जिन्हें अक्सर शुरुआती दौर में नजरअंदाज कर दिया जाता है, इसलिए इन संकेतों को पहचानना और डॉक्टर से मिलना जरूरी है.
किडनी डैमेज के सुबह के वे लक्षण जिन्हें आपको कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए
असाधारण लक्षणों के साथ जागना आपके किडनी में किसी समस्या का संकेत हो सकता है. शुरुआती किडनी डैमेज अक्सर सुबह-सुबह सूक्ष्म संकेत दिखाती है, जैसे सूजन और थकान, पेशाब में बदलाव या लगातार मतली. गंभीर हेल्थ कंप्लीकेशन को रोकने और स्थिति का समय पर इलाज सुनिश्चित करने के लिए इन चेतावनी संकेतों को जल्दी पहचानना जरूरी है. मॉर्निंग सिकनेस के सबसे हल्के लक्षणों पर भी ध्यान देना, रेगुलर चेकअप करवाना, पर्याप्त पानी पीना और बैलेंस डाइट लेना, ये सभी किडनी के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं.
शुरुआती लक्षणों की अनदेखी करने से किडनी की बीमारी हो सकती है, इसलिए जागरूकता, समय पर हस्तक्षेप और लाइफस्टाइल मैनेजमेंट लॉन्ग टर्म हेल्थ और ओवरऑल बॉडी फंक्शनिंग के लिए जरूरी है. इन छोटे-छोटे लक्षणों को नजरअंदाज करने से किडनी की बीमारी हो सकती है.
सुबह-सुबह अगर ये लक्षण दिखें तो इन्हें नजरअंदाज न करें
नेशनल किडनी फाउंडेशन के अनुसार, सुबह जागने पर पलकों और चेहरे पर सूजन आना किडनी की बीमारी का एक आम लक्षण हो सकता है, क्योंकि किडनी के ठीक से काम न करने पर शरीर में अतिरिक्त पानी जमा हो जाता है. यह स्थिति जिसे पेरिआरबिटल एडिमा कहा जाता है, अक्सर सुबह सबसे पहले दिखाई देती है. हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि चेहरे की सूजन के अन्य कारण भी हो सकते हैं, जैसे एलर्जी या साइनस संक्रमण, इसलिए डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज के अनुसार, सुबह चेहरे पर सूजन आपके किडनी को नुकसान से जुड़ी हो सकती है. स्थिति बिगड़ने से पहले इस लक्षण को नजरअंदाज करें.
सुबह उठते ही अपने पहले पेशाब पर ध्यान दें. अगर पेशाब में झाग बन रहा है और बार-बार फ्लश करने के बाद भी उसे निकलने में समय लग रहा है, तो यह चिंता का विषय है. पेशाब में झाग आना इस बात का संकेत है कि उसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक है, जिसे ‘प्रोटीन्यूरिया’ कहते हैं. स्वस्थ किडनी रक्त में मौजूद जरूरी प्रोटीन को शरीर में रहने देते हैं और सिर्फ अपशिष्ट पदार्थों को ही बाहर निकालते हैं. लेकिन जब किडनी डैमेज हो जाते हैं, तो यह निस्पंदन प्रक्रिया समस्याग्रस्त होने लगती है, जिससे झाग बनने लगते हैं.
अगर सुबह उठते ही मुंह से तेज और असामान्य गंध आती है, जो ब्रश करने के बाद भी पूरी तरह से दूर नहीं होती, तो यह किडनी की किसी गंभीर समस्या का लक्षण हो सकता है. जब किडनी रक्त में मौजूद यूरिया जैसे अपशिष्ट पदार्थों को छानने में असमर्थ हो जाते हैं, तो उनका स्तर बढ़ने लगता है. शरीर यूरिया को तोड़कर उसे अमोनिया जैसी गैस में बदल देता है, जो सांस के जरिए बाहर निकलती है और मुंह से अमोनिया जैसी गंध आने लगती है.
सुबह उठते ही बिना किसी कारण के त्वचा में रूखापन और तेज खुजली महसूस होना भी किडनी खराब होने का संकेत हो सकता है. किडनी का काम शरीर में खनिजों का संतुलन बनाए रखना है. किडनी खराब होने पर यह रक्त में फास्फोरस जैसे खनिजों की मात्रा को नियंत्रित नहीं कर पाती. फास्फोरस का स्तर बढ़ने पर त्वचा में खुजली और रूखेपन की समस्या होने लगती है. साथ ही, रक्त में जमा विषाक्त पदार्थ भी त्वचा में जलन और खुजली का कारण बन सकते हैं.


