भुवनेश्वर: ओडिशा के बालासोर जिले के सोरो थाना क्षेत्र के महुमुहान ग्राम पंचायत में आने वाले मालीचुआ गांव में रविवार को काला जादू के शक में एक व्यक्ति की पिटाई कर दी. इतना ही नहीं उन्होंने पीड़ित शख्स के परिवार को 24 घंटे तक पेड़ से भी बांधे रखा.
सोरो थाने से पुलिस की एक टीम जब मालीचुआ गांव पहुंची, तो ग्रामीणों ने उनके वाहन को रोक दिया. हालांकि, बाद में पुलिस अधीक्षक सुदीप्त साहू से बातचीत के बाद पुलिस टीम को अंदर जाने दिया गया. बताया जा रहा है कि चैता सिंह अपने घर पर पूजा-अर्चना कर रहे थे, तभी कुछ ग्रामीणों ने उन्हें रोक दिया और उन पर पूजा की आड़ में जादू-टोना करने का आरोप लगाया.
24 घंटे तक बंधक बनाया
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि चैता सिंह ने गांव के कई बच्चों और बड़ों को नुकसान पहुंचाया है, क्योंकि वे बीमार पड़ रहे हैं और उनकी मौत हो रही है. जब परिवार के लोग चैता सिंह के बचाव में आगे आए, तो मामला और बिगड़ गया. कुछ और ग्रामीण भी आ गए और चैता सिंह, उनकी पत्नी मुनि सिंह और उनकी साली टुनि सिंह को पास के एक पेड़ से बांध दिया. उन्हें 24 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया.
पुलिस ने तीनों को गुस्साए ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया. ग्रामीणों का आरोप था कि उसने और उसके परिवार ने जादू-टोने के नाम पर गांव के 22 लोगों की हत्या कर दी थी. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया.
अभी तक पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं
पुलिस अधीक्षक साहू, “हमने रविवार को चैता सिंह, उसकी पत्नी मुनि सिंह और उसकी साली टुनि सिंह को छुड़ाया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया. उन्होंने अभी तक पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई है. अगर हमें उनकी ओर से कोई शिकायत मिलती है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.”
उन्होंने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस चैता और उसके परिवार को गैरकानूनी तरीके से बंधक बनाने और मारपीट करने वालों की पहचान करने की कोशिश कर रही है.
काले जादू करने के शक में पिटाई
एक ग्रामीण राजा सिंह ने कहा, “चैता को काले जादू के आरोप में पीटा गया है. उसने काले जादू के नाम पर कई लोगों की हत्या की है. अब तक 22 लोग उसकी चाल का शिकार होकर अपनी जान गंवा चुके हैं. उसने भी इस बात को स्वीकार किया है.”


