झारखंड से बड़ी खबर |
Bharat Superfast न्यूज़ –
करोड़ों रुपये खर्च कर लगाए गए CCTV कैमरे खराब, रखरखाव की घोर लापरवाही – अपराधियों को खुली छूट?**रांची/झारखंड: राज्य सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के नाम पर पुलिस थानों, शहरों और महत्वपूर्ण स्थानों पर **करोड़ों रुपये** खर्च करके CCTV कैमरे लगवाए, लेकिन ज्यादातर कैमरे **मेंटेनेंस** के अभाव में खराब पड़े हैं। इससे सार्वजनिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।जानकारों के अनुसार:- **जामताड़ा और मिहिजाम** में 5 साल से 20 से ज्यादा CCTV कैमरे फंड की कमी के कारण बंद पड़े हैं। अपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने वाली “तीसरी आंख” पूरी तरह बाधित हो गई है।- **चतरा** शहर में लगे अधिकतर CCTV कैमरे खराब हो चुके हैं। मेंटेनेंस न होने से अपराध बढ़ने की शिकायतें आ रही हैं।- **हजारीबाग** में कई महत्वपूर्ण जगहों (यहां तक कि सदर थाना के सामने) पर कैमरे महीनों से बंद हैं, जिससे शहर की सुरक्षा में सेंध लग रही है।- **देवघर** में 35 CCTV कैमरे खराब पड़े हैं। यहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं, फिर भी सुरक्षा कैमरे काम नहीं कर रहे।- **धनबाद** समेत अन्य जिलों में भी ट्रैफिक और सुरक्षा कैमरों की स्थिति खराब बताई जा रही है।### करोड़ों का फंड बर्बाद?झारखंड सरकार ने हाल ही में **606 पुलिस थानों** में **8854 CCTV कैमरे** लगाने के लिए **134 करोड़ रुपये** की बड़ी योजना को मंजूरी दी है। इससे पहले भी पुलिस थानों, जेलों, शहरों और सार्वजनिक स्थानों पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन **proper Annual Maintenance Contract (AMC)** न होने और फंड की कमी के कारण ज्यादातर सिस्टम जल्दी खराब हो जाते हैं।स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का कहना है:- कैमरे लगाने पर तो जोर दिया जाता है, लेकिन **रिकॉर्डिंग स्टोरेज**, **बिजली सप्लाई**, **रिपेयर** और **मॉनिटरिंग** के लिए बजट नहीं रखा जाता।- कई जगहों पर कैमरे बिना बैकअप पावर के लगाए गए, जिससे बारिश या बिजली कटौती में वे फेल हो जाते हैं।- मेंटेनेंस एजेंसी को समय पर पेमेंट न मिलने से सर्विस बंद हो जाती है।### आमजन में आक्रोशनागरिकों का आरोप है कि सरकार सुरक्षा के नाम पर **करोड़ों रुपये** खर्च करती है, लेकिन नतीजा जीरो। चोर, लुटेरे और अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं क्योंकि “तीसरी आंख” बंद पड़ी है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है:- सभी लगे CCTV कैमरों की तुरंत मरम्मत और सर्वेक्षण कराया जाए।- **Annual Maintenance Contract** अनिवार्य रूप से लागू किया जाए।- फंड की कमी का बहाना बंद कर नियमित बजट आवंटन सुनिश्चित किया जाए।- लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।**Bharat Superfast News की अपील:**झारखंड सरकार और पुलिस विभाग इस गंभीर मुद्दे को तुरंत गंभीरता से लें।
- सुरक्षा के लिए लगाए गए कैमरे सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि असरदार होने चाहिए। अगर करोड़ों का फंड बर्बाद होता रहा तो अपराध नियंत्रण सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगा।


