मुंबई: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत पर दिखाई दिया। निवेशकों ने सतर्कता बरती, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों शुरुआती कारोबार में दबाव में नजर आए।
शुरुआती कारोबार में निफ्टी 50 करीब 22.55 अंक यानी 0.09% गिरकर 24,343.45 पर खुला। वहीं सेंसेक्स 100 से ज्यादा अंक की कमजोरी के साथ 77,892.92 के स्तर पर कारोबार शुरू करता दिखा। बैंकिंग और आईटी शेयरों में नरमी ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
कई सेक्टरों में बिकवाली का दबाव
बाजार के ज्यादातर प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स शुरुआती कारोबार में लाल निशान में रहे। निफ्टी मिडस्मॉल फाइनेंशियल सर्विसेज में करीब 0.98% की गिरावट दर्ज की गई।
इसके अलावा पीएसयू बैंक और एफएमसीजी इंडेक्स भी लगभग 0.9% तक नीचे रहे। रियल्टी, सीमेंट, आईटी, एनर्जी और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली।
हालांकि, कुछ सेक्टरों ने बाजार के विपरीत प्रदर्शन किया। निफ्टी केमिकल्स करीब 0.48% और निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर करीब 0.45% की बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।
क्रूड ऑयल और ग्लोबल तनाव पर बाजार की नजर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल करीब 89 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे माहौल में भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के बाजार पर दबाव बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, भू-राजनीतिक स्थिति में सुधार नहीं होने तक घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, 24,329 से 24,240 का स्तर निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन माना जा रहा है। दूसरी ओर, तेजी की स्थिति में 24,540 से 24,666 के बीच प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है।
यदि निफ्टी 24,170 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे जाता है, तो बाजार में और कमजोरी की संभावना बन सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में निवेशकों को व्यापक बाजार में सावधानी बरतने के साथ मजबूत तिमाही नतीजे देने वाली कंपनियों पर स्टॉक-विशिष्ट नजर रखनी चाहिए।
