औरंगाबाद पुलिस केंद्र में प्रशिक्षण पूरा करने वाले 412 जवानों ने पासिंग आउट परेड के साथ पुलिस सेवा में प्रवेश किया. आईजी विकास वैभव ने उन्हें कानून व्यवस्था मजबूत करने, जनता का विश्वास जीतने और वर्दी की गरिमा बनाए रखने की शपथ दिलाई.
औरंगाबाद पुलिस लाइन मैदान शुक्रवार को उस गौरवशाली क्षण का साक्षी बना, जब कठिन प्रशिक्षण, अनुशासन और समर्पण के सफर को पूरा कर 412 प्रशिक्षु पुलिस जवानों ने पासिंग आउट परेड के साथ पुलिस सेवा में प्रवेश किया. दीक्षांत समारोह में जवानों ने ईमानदारी, निष्ठा और जनसेवा के भाव से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की शपथ ली. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विकास वैभव उपस्थित रहे, जबकि पुलिस अधीक्षक अंबरीश राहुल सहित कई वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी भी समारोह में शामिल हुए.

वर्दी में देखकर भावुक हुए परिजन
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले जवानों के परिजन भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और अपने बेटों-बेटियों को वर्दी में कदमताल करते देख गर्व से भावुक हो उठे. जिले के पुलिस केंद्र में इन 412 जवानों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया था. समारोह की शुरुआत में आईजी विकास वैभव द्वारा प्रशिक्षु जवानों के परेड का निरीक्षण किया गया. इसके बाद प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले जवानों को कर्तव्य निर्वहन की शपथ दिलायी. जवानों ने भी अनुशासित कदमताल और आकर्षक परेड के माध्यम से मुख्य अतिथि को सलामी दी. बेहतर करने वाले जवानों को प्रशस्ति पत्र भी दिया गया.

कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी की शुरुआत
अपने संबोधन में आईजी विकास वैभव ने कहा कि आज का दिन केवल एक उपलब्धि का दिन नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी की शुरुआत है. उन्होंने जवानों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने कठिन प्रशिक्षण और परीक्षाओं की चुनौतीपूर्ण अवधि को सफलतापूर्वक पार किया है. अब उनके कंधों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने और समाज में विश्वास कायम करने का महत्वपूर्ण दायित्व है. उन्होंने कहा कि पुलिस केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का माध्यम है. आम नागरिक पुलिस को देखकर पूरे शासन-प्रशासन का आकलन करता है.

सुरक्षा और विश्वास का बनाएं माहौल
आईजी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. राज्य सरकार चाहती है कि निवेशक बिहार में आएं और विकास की नई संभावनाएं पैदा हों. इसके लिए सुरक्षा के साथ-साथ विश्वास का वातावरण बनाना आवश्यक है. जब लोगों को यह भरोसा होगा कि पुलिस के पास जाने पर उन्हें न्याय मिलेगा, तब समाज और निवेशकों दोनों का विश्वास मजबूत होगा. पुलिस अधीक्षक अंबरीश राहुल ने भी सभी प्रशिक्षु जवानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए अनुशासन और मूल्यों को सेवा जीवन में आत्मसात करें.


