OpenAI स्मार्टफोन की दुनिया में कदम रखने जा रही है. कंपनी अब सिर्फ चैटजीपीटी जैसे मॉडल्स पर ही काम नहीं कर रही, बल्कि मोबाइल फोन के लिए खास प्रोसेसर भी डेवलप करने की कोशिश कर रही है. हाल ही में आए रिपोर्ट्स के मुताबिक, OpenAI ने MediaTek और Qualcomm के साथ हाथ मिलाया है.
अगर एआई एजेंट वाले स्मार्टफोन बाजार में लोकप्रिय हुए तो, इन दोनों चिपमेकर्स को लंबे समय तक मांग मिलने की उम्मीद है. प्रोजेक्ट अभी शुरुआती दौर में है और बड़े पैमाने पर उत्पादन 2027 में शुरू होने की संभावना है. सप्लाई चेन में लक्सशेयर को एक्सक्लूसिव सिस्टम को-डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर बनाया गया है.
यह पहल सिर्फ चिप्स तक सीमति नहीं है. एनालिस्ट मिंग-जी कुओ के अनुसार, ओपनएआई एआई-सेंट्रिक स्मार्टफोन बनाने की व्यापक प्लानिंग पर काम कर रही है. यह नया प्रोसेसर पावर एफिशिएंसी, मेमोरी मैनेजमेंट और ऑन-डिवाइस एआई क्षमताओं को प्राथमिकता देगा. मुश्किल काम क्लाउड पर भेजे जाएंगे. स्पेसिफिकेशन्स और सप्लाई चेन पार्टनर्स 2026 के अंत या 2028 की शुरुआत तक फाइनल हो सकते हैं.
बदल जाएगा स्मार्टफोन यूज़ करने का तरीका
एआई एजेंट का कॉन्सेप्ट इस पूरी पहल का केंद्र है. यूज़र्स अब अलग-अलग ऐप्स में भटकने की बजाय एक यूनिफाइड सिस्टम से काम पूरा करवा सकेंगे. जैसे बुक करना, शेड्यूल मैनेज करना या मैसेज भेजना – सब एआई एजेंट खुद संभाल लेगा. इससे पारंपरिक ऐप-बेस्ड इकोसिस्टम से हटकर कॉन्टेक्स्ट-अवेयर कंप्यूटिंग की ओर शिफ्ट हो सकता है. ओपनआई का मानना है कि सॉफ्टवेयर, ऑपरेटिंग सिस्टम और हार्डवेयर का टाइट इंटीग्रेशन ही सही एआई एजेंट अनुभव दे सकता है.
स्मार्टफोन अभी भी रीयल-टाइम यूजर डेटा कैप्चर करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण डिवाइस है. ओपनएआई अपनी एआई मॉडल्स की ताकत, ब्रांड वैल्यू और यूज़र डेटा का फायदा उठाकर पूरा इकोसिस्टम बना सकती है. इसके साथ ही हार्डवेयर को सब्सक्रिप्शन सर्विसेज़ के साथ बंदल करने का आइडिया भी चर्चा में है. कंपनी पहले ही ब्रॉडकॉम के साथ चिप्स और सिस्टम डेवलपमेंट के लिए पार्टनरशिप कर चुकी है. जॉनी आइव के साथ एआई डिवाइस पर काम भी जारी है, हालांकि, स्मार्टफोन प्रोजेक्ट अलग दिश में लगता है.
यह कदम एप्पल और सैमसंग जैसी कंपनियों के लिए चुनौती बन सकता है. अगर यह प्लान सफल रहा तो स्मार्टफोन का इस्तेमाल पूरी तरह से बदल जाएगा. यूजर्स को अब ऐप्स नेविगेट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि एआई उनके लिए सोच-समझकर काम करेगा. पावर बचत और बेहतर मेमोरी हैंडलिंग से बैटरी लाइफ भी सुधरेगी. हालांकि अभी सब कुछ शुरुआती स्टेज पर है, लेकिन अगर ओपनएआई हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों पर कंट्रोल हासिल कर ली तो भविष्य में मोबाइल एक्सपीरियंस नया रूप ले सकता है.


