एमजीएम अस्पताल के नये आइसीयू में आज तक एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ. हालांकि, इसमें सभी जरूरी उपकरण उपलब्ध हैं. गंभीर रूप से बीमार मरीजों को रेफर कर दिया जाता है, लेकिन यहां पर मौजूद इन्फ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करते हुए उनका इलाज नहीं किया जा रहा. ये बातें अस्पताल के नोडल ऑफिसर ने कही है.
नेशनल एजुकेशन प्रोजेक्ट (एनइपी) के डायरेक्टर सह एमजीएम अस्पताल के नोडल ऑफिसर संतोष गर्ग ने शुक्रवार को अस्पताल का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने पाया कि एमजीएम अस्पताल के मेडिसिन विभाग में बने 20 बेड के अत्याधुनिक आइसीयू व आइसीसीयू में आज तक एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ है. वह पूरी तरह खाली पड़ा है. उसमें आइसीयू मॉनिटर के साथ हर प्रकार की सुविधा मौजूद है.
गंभीर रूप से बीमार मरीज को कर दिया जाता है रेफर
एमजीएम अस्पताल के नोडल ऑफिसर संतोष गर्ग ने इस पर अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि अस्पताल में प्रतिदिन गंभीर रूप से बीमार मरीज इलाज कराने के लिए अस्पताल आते हैं. उनको बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया जाता है. यहां जो भी सुविधा है, उसका सही से उपयोग नहीं किया जा रहा है
गाइनी विभाग के आइसीयू में भी खाली पड़े हैं बेड
उन्होंने देखा कि अस्पताल में 10 बेड के गाइनी विभाग में भी आइसीयू है. उसका भी हाल वही है. कई बेड खाली पड़े हैं. डायरेक्टर ने कहा कि जब गंभीर अवस्था में गर्भवती अस्पताल आती है, तो उसको क्यों दूसरी जगह भेज दिया जाता है. उन्होंने उपाधीक्षक जुझार मांझी को निर्देश दिया कि जल्द से जल्द अस्पताल में आइसीयू शुरू करवायें.


