Thursday, March 19, 2026

एप्पल का सुझाव है कि सॉफ्टवेयर अपडेट रखना आईफोन को डार्कस्वॉर्ड जैसे खतरों से बचाने का सबसे अच्छा तरीका है.

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DarkSword नाम के एक नए स्पाईवेयर ने आईफोन यूज़र्स को एक गहरी चिंता में डाल दिया है. दरअसल, यह खतरनाक स्पाईवेयर आईफोन्स पर अटैक कर रहा है, जो आईफोन यूज़र्स के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मालवेयर कमजोर डिवाइस पर अटैक करता है और पल भर में हैकिंग करके डेटा चुरा लेता है. इससे लाखों-करोड़ों आईफोन्स पर असर पड़ने का अंदाजा जताया जा रहा है.

लुकआउट आईवेरिफाई और अल्फाबेट की गूगल कंपनी ने मिलकर इसके बारे में गहन अध्ययन किया है. शोधकर्ताओं ने डार्कस्वॉर्ड पर विस्तार में नोट्स भी रिलीज़ किए हैं, जो इस स्पाईवेयर के अटैक करने के प्रोसेस को समझाते हैं. शोधकर्ताओं ने अनुमान लगाया है कि 22 करोड़ से 27 करोड़ आईफोन अभी पुराने आईओएस वर्ज़न चलाने के कारण इस स्पाईवेयर का शिकार बन सकते हैं.

DarkSword स्पाईवेयर कैसे अटैक करता है?

यह स्पाईवेयर कई वैध यूक्रेनी वेबसाइट्स में छिपा हुआ पाया गया है. यह आईओएस के 18.4 से 18.6.2 वर्ज़न तक के फोन्स को प्रभावित करता है और इसमें बहुत ही सुंदर लेकिन खतरनाक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जो पहले सार्वजनिक रूप से कभी नहीं देखी गई थीं. उसके बाद जैसे ही कोई यूज़र्स उस संक्रमित साइट पर विजिट करता है वैसे ही स्पाईवेयर बिना आवाज के डिवाइस हैक कर लेता है.

उसके बाद वो स्पाईवेयर वाईफाई, पासवर्ड, टेक्स्ट मैसेज, कॉल हिस्ट्री, रूट लोकेशन हिस्ट्री जैसे तमाम जरूरी जानकारियों को चुरा लेता है. इस स्पाईवेयर से प्रभावित हुई वेबसाइट्स में से एक का एड्रेस .gou.ua था, जो यह साफ करता है कि हैकर्स यूक्रेन की सरकारी सर्वर तक एक्सेस बनाने में भी सफल हो गए थे. यूक्रेनी वेबसाइट्स ही नहीं, यह अन्य देशों की वेबसाइट्स को भी प्रभावित कर सकता है.

गूगल ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कई कमर्शियल वेंडर्स और संदिग्ध राज्य से जुड़े हैकिंग ग्रुप्स ने अलग-अलग कैंपेन में डार्कस्वॉर्ड का यूज़ किया. ये कैंपेन सऊदी अरब तुर्की मलेशिया और यूक्रेन के यूज़र्स को टारगेट कर रहे थे. मलेशिया और तुर्की में हुए ऑपरेशन्स को तुर्की की कमर्शियल सर्विलांस फर्म पीएआरएस डिफेंस से जोड़ा गया है.

शोधकर्ताओं ने यह भी नोट किया कि डार्कस्वॉर्ड उसी सर्वर पर होस्ट किया गया है, जहां 3 मार्च 2026 को कोरुना स्पाईवेयर में पाया गया था. कोरुना मुख्य रूप से यूक्रेन यूज़र्स से क्रिप्टो चोरी करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था. iVerify का दावा है कि पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर रूस के थ्रेट एक्टर द्वारा चलाया जा रहा है. रूस फरवरी 2022 से यूक्रेन पर हमला करके युद्ध कर रहा है. हालांकि, हैकर्स की असली पहचान का पता अभी तक नहीं चल पाया है.

क्या आपका आईफोन सुरक्षित है?

अब यूज़र्स के मन में सवाल है कि क्या उनका आईफोन सुरक्षित है. डार्कस्वॉर्ड स्पाईवेयर की बात करें तो ये मार्च 2025 से अगस्त 2025 के बीच रिलीज हुए iOS वर्ज़न्स की कमजोरियों पर आधारित है. उस वक्त से लेकर अभी तक में एप्पल ने कई सिक्योरिटी पैच रिलीज़ कर दिए हैं, लेकिन फिर भी 22 से 27 करोड़ आईफोन यूज़र्स पुराने आईओएस वर्ज़न ही यूज़ कर रहे हैं. एप्पल के प्रवक्ता ने रॉयटर्स को बताया कि सॉफ्टवेर को अपडेट रखना ही एप्पल डिवाइस की सुरक्षा बनाए रखने का सबसे महत्वपूर्ण और जरूरी तरीका है.

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