ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने विधानसभा में कहा कि सरकार बकाया बिजली बिलों पर लगने वाले ब्याज की माफी पर विचार करेगी। विधायकों के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में उन्होंने यह बात कही। मंत्री ने स्पष्ट किया कि बिजली उपयोग कर बिल न चुकाने पर माफी मुश्किल है, लेकिन किस्तों में भुगतान की सुविधा है। फिलहाल कोई एकमुश्त समाधान योजना नहीं है।
पटना। ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने गुरुवार को विधानसभा में यह कहा कि बकाया बिजली बिल पर लगने वाले ब्याज की माफी पर सरकार विचार करेगी। विधायक शुभानंद मुकेश, रोहित पांडेय, सुजीत कुमार, शैलेश कुमार, त्रिविक्रम नारायण सिंह, रोमित कुमार, बबलू कुमार, मुरारी पासवान तथा राहुल कुमार सिंह द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण के जवाब में ऊर्जा मंत्री ने यह बात कही।
ऊर्जा मंत्री ने कि बिजली जलाएंगे और बिल नहीं देंगे। ऐसी स्थिति में बिजली बिल को माफ करना मुश्किल है। जुलाई 2025 से घरेलू उपभोक्ताओं को 125 मेगावाट बिजली मुफ्त मिल रही है। अनुरोध पर बकाए का भुगतान किस्तों में किए जाने की सुविधा दी जा रही है। वहीं, फिलहाल एकमुश्त समाधाना (ओटीएसएस) की कोई योजना नहीं है।
ध्यानाकर्षण में इस मुद्दे को उठाया गया था कि 125 यूनिट मु्फ्त बिजली की व्यवस्था शुरू होने के पहले कई उपभोक्ताओं ने आर्थिक तंगी के कारण बिजली बिल का भुगतान नहीं किया। उन पर विभाग भारी विलंब सरचार्ज और चक्रवृद्धि ब्याज लगा रहा है।
पूर्व की बकाया राशि के कारण कई गरीब उपभोक्ता वर्तमान मे 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के लाभ से वंचित हैं। उनके कनेक्शन काटे जा रहे हैं। इससे सरकार की जनकल्याणकारी योजना का मुख्य उद्देश्य बाधित हो रहा है।
यदि सरकार एकमुश्त समाधान योजना लाकर पुराने बकाए पर चक्रवृद्धि ब्याज एवं अधिभार को पूर्णत: माफ कर देती है और मूल राशि को किस्तों में जमा करने की सुविधा प्रदान करती है तो इससे न केवल गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलेगा बल्कि सरकार का वर्षों से फंसा हुआ राजस्व भी वापस प्राप्त होगा।


