नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों अंशधारकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर लेकर आया है. ईपीएफओ अब उन निष्क्रिय (Inactive) पीएफ खातों में जमा लावारिस धनराशि को निपटाने के लिए अपनी कोशिशें तेज कर रहा है, जो वर्षों से बिना किसी दावे के पड़े हुए हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, संगठन एक ‘ऑटोमेटेड सेटलमेंट सिस्टम’ (स्वचालित निपटान प्रणाली) शुरू करने की तैयारी में है, जिसके तहत खातों में जमा राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेज दी जाएगी.
क्या है यह पूरी योजना?
प्रस्तावित योजना के अनुसार, इस नए तंत्र का उद्देश्य पीएफ निकासी के लिए दावे (Claim) दाखिल करने की लंबी और जटिल प्रक्रिया को समाप्त करना है. इस कदम से लगभग 8.1 लाख आधार-सत्यापित (Aadhaar-verified) निष्क्रिय खातों को कवर किए जाने की उम्मीद है. इन खातों में कुल मिलाकर लगभग 5,200 करोड़ रुपये जमा हैं.
शुरुआती चरण में, ईपीएफओ का लक्ष्य लगभग 25 प्रतिशत आधार-सत्यापित निष्क्रिय खातों को संसाधित करना है. इससे उन लाभार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी, जो अपनी पुरानी जमा राशि निकालना चाहते थे लेकिन प्रक्रिया की जानकारी न होने या दस्तावेजों की कमी के कारण ऐसा नहीं कर पा रहे थे.
खातों का विवरण और राशि
- रिपोर्ट्स के मुताबिक, निष्क्रिय खातों में बड़ी धनराशि जमा है:
- लगभग 14,000 खातों में 5 लाख रुपये से अधिक की राशि है.
- करीब 38,000 खातों में 1 लाख से 5 लाख रुपये के बीच जमा हैं.
- लगभग 41,000 खातों में 50,000 से 1 लाख रुपये के बीच की राशि बकाया है.
सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) ने पहले ही पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 1,000 रुपये तक की शेष राशि वाले निष्क्रिय खातों के ऑटो-सेटलमेंट को मंजूरी दे दी है.
कब निष्क्रिय माना जाता है खाता?
ईपीएफओ के नियमों के अनुसार, एक खाता तब निष्क्रिय हो जाता है जब वह ब्याज अर्जित करना बंद कर देता है. सामान्यतः, यदि कोई सदस्य 55 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होता है और लगातार तीन वर्षों तक कोई योगदान नहीं दिया जाता है, तो खाता निष्क्रिय माना जाता है. हालांकि, 55 वर्ष से कम आयु के सदस्यों के लिए, खाते पर तब तक ब्याज मिलता रहता है जब तक वे 58 वर्ष के नहीं हो जाते.
फरवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, ईपीएफओ के पास लगभग 31.8 लाख निष्क्रिय खाते हैं, जिनमें कुल 10,181 करोड़ रुपये जमा हैं. इनमें से करीब 7 लाख खाते दो दशक (20 साल) से भी ज्यादा पुराने हैं.
ब्याज दर और वर्तमान स्थिति
ईपीएफओ ने वर्ष 2025-26 के लिए पीएफ जमा पर 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर बरकरार रखी है. हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया है कि जो खाते 36 महीनों तक निष्क्रिय रहते हैं, वे ‘डोरमेंट’ (सुप्त) श्रेणी में आ जाते हैं और उन पर आगे कोई ब्याज नहीं दिया जाता है. इस ऑटो-सेटलमेंट सुविधा से लाखों लोगों को उनका हक बिना किसी भागदौड़ के मिल सकेगा.


