Thursday, March 19, 2026

ईद, सरहुल और रामनवमी को लेकर गुरूवार को सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई.

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रांची: ईद, सरहुल और रामनवमी के मद्देनजर गुरूवार को राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय बैठक की. सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास में हुई इस बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा, एडीजी (ऑपरेशन) टी कंडास्वामी, आईजी (स्पेशल ब्रांच) प्रभात कुमार, आईजी (ऑपरेशन) माइकल राज और आईजी (प्रोविजन) मयूर पटेल मौजूद थे.

इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के आला अधिकारियों और सभी जिलों के पदाधिकारियों को त्यौहार के दौरान विधि व्यवस्था बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए. मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में वरीय पदाधिकारियों की उपस्थिति में हुई इस बैठक के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्त एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक मौजूद थे.

इस दौरान सीएम ने आगामी पर्व- त्योहारों के दौरान शांति एवं सुरक्षा, साफ-सफाई और बिजली-पानी की आपूर्ति समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा करने के क्रम में कई अहम निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से सभी पर्व -त्यौहार संपन्न हो. त्यौहार के नाम पर अशांति, हिंसा और उप्रदव नहीं हो. ऐसे में पुलिस- प्रशासन 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहे.

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ईद, सरहुल और रामनवमी जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के साथ हनुमान जयंती और महावीर जयंती समेत कुछ और पर्व भी मनाने की परंपरा चलती आ रही है. ऐसे में इन सभी पर्व- त्यौहारों के संपन्न होने तक सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिये. इस दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिस वालों की तैनाती रहे. सुरक्षा में तैनात सभी जवान हर वक्त सतर्क रहें और इनफॉर्मर्स को भी जोड़ें ताकि कोई भी एक्टिविटी की जानकारी तुरंत प्रशासन के पास पहुंच सके.

उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

  • शोभा यात्रा के दौरान जुलूस मार्ग में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के साथ पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम की व्यवस्था हो.
  • शोभा यात्रा में उत्तेजक और भड़काऊ गाने नहीं बजने चाहिए. इसे हर हाल में सुनिश्चित किया जाए. इसके लिए जिला प्रशासन सभी पूजा समितियों और अखाड़ों से समन्वय बनाकर उन्हें प्री- रिकार्डेड रिकॉर्ड गानों की पेन ड्राइव उपलब्ध कराए.
  • संवेदनशील स्थलों तथा धार्मिक स्थलों के आसपास निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा की व्यवस्था हो. पूरी शोभायात्रा की वीडियोग्राफी होनी चाहिए. जुलूस मार्ग में ड्रोन के माध्यम से एरियल सर्विलांस की भी व्यवस्था करें.
  • फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, दंगा रोधी वाहनों और वॉटर कैनन जैसे सभी सुरक्षात्मक उपकरणों को तैयार रखें, ताकि आपातकालीन स्थिति में उसका त्वरित इस्तेमाल हो सके.
  • शोभा यात्रा में शामिल होने वाले झण्डों की लंबाई को लेकर हाईकोर्ट के आदेश का पालन सुनिश्चित करने की पहल हो.

पुलिस प्रशासन को चौकस रहने के निर्देश

उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षकों से कहा है कि संवेदनशील इलाकों तथा धार्मिक स्थलों के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए. यहां किसी भी सूरत में किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधि नहीं होनी चाहिए, जिससे शांति भंग होने की आशंका बने. उन्होंने सभी जिलों से कहा कि पर्व, त्यौहार के मौके पर निकलने वाली शोभायात्रा को लेकर जुलूस रूट तथा भीड़भाड़ वाले इलाकों की विशेष निगरानी होनी चाहिए.

इसके लिए जुलूस मार्ग का भौतिक सत्यापन कर सुरक्षा से संबंधित सारी तैयारियां पूरी कर ली जानी चाहिए. पुलिस बलों की तैनाती के साथ सुरक्षा से संबंधित तमाम उपकरणों की भी उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए. इसके अलावा त्योहारों के मौके पर निकाली जाने वाली शोभा यात्रा और जुलूस के दौरान की तमाम एक्टिविटीज का पूरा डॉक्यूमेंटेशन तैयार करें, इससे आगे आने वाले त्योहारों में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित रणनीति तैयार करने में काफी सहूलियत होगी.

सोशल मीडिया और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश

इसके साथ ही बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ लोग पर्व, त्योहारों के मौकों पर अशांति और उपद्रव करने की जुगत में रहते हैं. ऐसे असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करें. इसके साथ सोशल मीडिया की भी लगातार निगरानी होनी चाहिए. सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने वालों पर त्वरित एक्शन लें.

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सबसे अहम: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आगे कहा कि पर्व- त्योहारों की शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चों की भागीदारी भी होती है. ऐसे में उनकी सुविधा तथा सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर किसी वजह से कोई अप्रिय घटना हो जाए तो उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए सारी तैयारियां होनी चाहिए. साथ ही जुलूस मार्ग में जगह-जगह सेफ जोन बनाकर रखे. यहां आपातकालीन स्थिति से निपटाने की भी पूरी व्यवस्था होनी चाहिए ताकि कोई घटना अथवा दुर्घटना होती है तो लोगों को ऐसे सेफ जोन में सुरक्षित लाया जा सके.

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