आज के मॉडर्न समय में लाइफस्टाइल में बदलाव और अनहेल्दी खानपान के कारण हार्ट डिजीज के मामले में हाल के दिनों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है. हार्ट अटैक जैसी परेशानियां पहले ज्यादातर बुजुर्गों में देखा जाता था, लेकिन अब ये स्थिति युवाओं और बच्चों में भी देखा जा रहा है, जो बेहद चिंता का विषय है. इस मामले में मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए इसके लक्षणों को जल्द पहचानना बेहद जरूरी है. हार्ट अटैक आने से लगभग एक महीने (30) पहले हमारे शरीर में कुछ लक्षण दिखाई देने लगते हैं. ऐसे में सलाह दी जाती है कि अगर समय रहते इनकी पहचान करके इलाज किया जाए, तो जान बचाई जा सकती है. जानिए क्या हैं वे लक्षण और इसे लेकर विशेषज्ञ का क्या कहना हैं…
हाल के दिनों में, बच्चे, युवा और यहां तक कि बुजुर्ग भी हार्ट अटैक के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं. यह समस्या हर वर्ग के लोगों को परेशान कर रही है, इसलिए समय रहते इन लक्षणों की पहचान करना जरूरी है. हावर्ड हेल्थ के मुताबिक, ये वो लक्षण हैं जो हार्ट अटैक से पहले शरीर में दिखाई देते हैं.
- छाती, कंधे, जबड़े में दर्द- दिल का दौरा पड़ने से पहले होने वाले मुख्य लक्षणों में से एक है छाती के आसपास दबाव या भारीपन का एहसास होना शामिल है. कुछ लोगों को बाहों, कंधों या जबड़े में भी दर्द हो सकता है. इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसे लक्षण महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा है.
- शरीर में कमजोरी महसूस होना- बिना कोई मेहनत वाला काम किए भी आपको जल्दी थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है. खासकर अगर यह लक्षण बार-बार हो, तो यह दिल के दौरे का शुरुआती संकेत हो सकता है. आपको इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
- चक्कर आना– दिल का दौरा पड़ने से 30 दिन पहले तक चक्कर आना और कभी-कभी बेहोशी भी हो सकती है. इस दौरान सांस लेने में तकलीफ, सिरदर्द और रक्त संचार में कमी जैसे लक्षण भी आम हैं. यह स्थिति गंभीर है. इसलिए आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
- सांस लेने में दिक्क्त- अगर आपको साधारण काम करने के बाद या बिना किसी शारीरिक परिश्रम के भी सांस फूलने लगे, तो यह दिल के दौरे का संकेत हो सकता है. यह समस्या तब होती है जब हृदय ठीक से रक्त पंप नहीं कर पाता है.
यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत मेडिकल हेल्फ लेना जरूरी है. समय पर सावधानी बरतने से जान बच सकती है.
क्यों बढ़ रहा है खतरा?
डॉ. मखीजा का कहना है कि गलत खानपान, स्ट्रेस, कम सोना और जीवनशैली से जुड़ी लापरवाही हार्ट डिजीज की समस्या शरीर में उत्पन होने की सबसे बड़ी वजह है. पहले 50 साल के बाद के लोगों में हार्ट अटैक आना आम बात थी, लेकिन अब 25-30 की उम्र के लोगों में भी इस समस्या को देखी जा रही है. बता दें, हार्ट डिजीज अक्सर बिना किसी बड़े लक्षण के चुपचाप शरीर में अपनी जगह बना लेता है. हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर, अनियमित धड़कन, ब्लॉकेज ये बीमारियां चुपचाप आपके शरीर में अपना घर बना लेती हैं. इन सबका मूल कारण तला-भुना खाना, स्मोकिंग, शराब, नींद की कमी और स्ट्रेस है.


