Friday, February 20, 2026

अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने एक विशेष मीडिया ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि बातचीत अब अपने अंतिम चरण में है.

Share

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक मोड़ आने वाला है. भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने 20 फरवरी को घोषणा की कि दोनों देशों के बीच बहुप्रतीक्षित ‘अंतरिम व्यापार समझौते’ (Interim Trade Deal) पर बहुत जल्द हस्ताक्षर किए जाएंगे. यह घोषणा न केवल भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, बल्कि वैश्विक व्यापारिक समीकरणों को भी बदलने की ताकत रखती है.

हस्ताक्षर के लिए तैयार है मसौदा
राजदूत गोर ने एक विशेष मीडिया ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि बातचीत अब अपने अंतिम चरण में है. उन्होंने कहा, सच्चाई यह है कि इसमें हजारों बिंदु शामिल हैं. हम किसी छोटे देश के साथ नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक के साथ डील कर रहे हैं. अंतरिम समझौता लगभग पूरा हो चुका है, बस कुछ अंतिम सुधार (Tweaking) बाकी हैं. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि दोनों देशों की टीमें इतनी सक्रिय हैं कि इस सप्ताह भी हस्ताक्षर की संभावना बन सकती है.

टैरिफ में 18% की भारी कटौती
इस समझौते का सबसे बड़ा आकर्षण ‘टैरिफ रीबैलेंसिंग’ है. वॉशिंगटन भारतीय उत्पादों पर लगने वाले शुल्कों को संतुलित कर 18 प्रतिशत के स्तर पर लाने की योजना बना रहा है. राजदूत ने जोर देकर कहा कि यह प्रक्रिया किसी एक कार्यकारी आदेश से नहीं, बल्कि विभिन्न नीतिगत तंत्रों और विभागों के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी. इससे अमेरिका में भारतीय सामान, जैसे कपड़ा, रत्न, और इंजीनियरिंग उत्पाद और अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे.

मोदी-ट्रंप की दोस्ती का असर
सर्जियो गोर ने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच के प्रगाढ़ संबंधों को दिया. उन्होंने कहा कि यह डील दोनों नेताओं की आपसी समझ और विश्वास का परिणाम है. दूसरी ओर, भारत के केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने भी पुष्टि की है कि यह अंतरिम सौदा अप्रैल तक पूरी तरह चालू (Operationalized) हो सकता है.

आर्थिक प्रभाव और निष्कर्ष
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता लंबे समय से केंद्र बिंदु रही है. इस समझौते से न केवल द्विपक्षीय व्यापार बढ़ेगा, बल्कि चीन पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है. भारतीय स्टार्टअप्स और एमएसएमई (MSMEs) के लिए अमेरिकी बाजार के दरवाजे अब और अधिक सुगमता से खुलेंगे.

Read more

Local News